छत्तीसगढ़ का सिंगापुर दौरा : कौशल विकास और खाद्य प्रसंस्करण में बड़े समझौते

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इस यात्रा के समापन पर प्रदेश को कुल ₹43,600 करोड़ के भारी-भरकम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
प्रमुख उपलब्धियां और समझौते
कौशल विकास पर विशेष फोकस: युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्था ITE Education Services के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इसके तहत सिंगापुर के आधुनिक उद्योग-आधारित प्रशिक्षण मॉडल को छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा।
एग्रो प्रोसेसिंग क्षेत्र में नया निवेश: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 देशों में कार्यरत Valency International Pte Ltd ने छत्तीसगढ़ में ₹350 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। कंपनी राज्य में एक एकीकृत एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी, जिससे काजू, तिल, दलहन और मूंगफली जैसे कृषि उत्पादों को स्थानीय स्तर पर बड़ा बाजार मिलेगा।
वैश्विक कंपनियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें: मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात कर तकनीक, शहरी नियोजन और निवेश पर चर्चा की। इसके अलावा, टीसीएस (TCS), एसएमबीसी (SMBC), बायड (BYD), सिस्को (Cisco) और सिंगापुर एयरलाइंस सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के सीईओ और प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठकें हुईं।
एआई और डिजिटल फाइनेंस में युवाओं की ट्रेनिंग: ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN) के साथ हुई चर्चा में छत्तीसगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षित करने तथा स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने पर सहमति बनी है।
यह यात्रा छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत स्थिति में लाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।
















