मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान को सुदृढ़ करती ‘महतारी वंदन योजना’ ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव तय कर लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के खातों में राशि अंतरित की। योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की यह आर्थिक सहायता महिलाओं की व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने का एक बड़ा जरिया बन रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण केवल एक योजना नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो उसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पूरे परिवार के भविष्य पर पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और राज्य स्तर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।
दुर्ग जिले के विकास कार्यों को गति
महतारी वंदन योजना के मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी:
लोकार्पण: सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य (लागत: ₹1.22 करोड़) का लोकार्पण किया गया।
सड़क एवं कनेक्टिविटी: पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा चार लेन सड़क, कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग और अन्य संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण से जुड़े कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिससे आवागमन और अधिक सुगम होगा।
सिंचाई एवं जल प्रबंधन: पाटन और अहिवारा क्षेत्रों के विभिन्न जलाशयों (जैसे मोहंदी, कपसदा, नंदौरी और तिरगा) के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना: शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में छात्रावास निर्माण (₹16.16 करोड़) और शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया, जिससे चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
विद्युत आपूर्ति: पाटन क्षेत्र में ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए उपकेंद्रों और उच्च दाब लाइनों के निर्माण कार्यों की शुरुआत की गई।
राज्य सरकार का यह बहुआयामी विकास मॉडल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित है, जिससे एक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण की नींव और अधिक मजबूत हो रही है।
















