गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना’ को हरी झंडी, श्रेष्ठ पशुपालकों को मिलेगा 1 लाख रुपये तक का नकद इनाम

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने और ग्रामीणों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। ‘मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना’ के तहत ‘गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना’ के संचालन की आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में उन्नत और देशी नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित करना और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करना है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को मिलेंगे ये पुरस्कार
प्रतियोगिता के ज़रिए सबसे अधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा:
प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000
तृतीय पुरस्कार: ₹25,000
विशेष शर्त: पुरस्कार में मिलने वाली राशि का 100% उपयोग केवल देशी नस्ल की गायों की खरीद, देखरेख और उनके संवर्धन में ही किया जा सकेगा।
देशी गोवंश के संरक्षण पर विशेष ध्यान
नस्ल सुधार: गिर, साहीवाल, थारपारकर, मालवी और निवाड़ी जैसी प्रमुख स्वदेशी नस्लों के संरक्षण पर जोर दिया जाएगा।
विस्तार योजना: वित्तीय वर्ष 2027-28 से 2030-31 के दौरान प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों (Blocks) में इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
वृंदावन ग्राम विकास: गांवों को दूध उत्पादन और गो-संवर्धन के मामले में मॉडल (आदर्श) गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।
पुरस्कार वितरण: हर साल गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
पारदर्शी चयन के लिए बनीं समितियां
प्रतियोगिता का संचालन पूरी निष्पक्षता से करने के लिए दो स्तरीय समितियों का गठन किया गया है:
विकासखंड (ब्लॉक) स्तरीय समिति: SDM (राजस्व) और पशुचिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में आवेदनों की जांच और प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
जिला स्तरीय समिति: जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO जिला पंचायत) की अध्यक्षता में अंतिम परिणामों का सत्यापन कर विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी।
योजना के प्रमुख लक्ष्य
ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना।
पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना।
उच्च गुणवत्ता वाली दुधारू गायों की पहचान कर उनके पालकों को आर्थिक प्रोत्साहन देना।
देशी गोवंश का संवर्धन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना।
















