लक्ष्य और सही प्लानिंग से मिलती है सफलता : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महासमुंद जिले के बागबाहरा स्थित शासकीय खेमराज लक्ष्मीचंद कला एवं वाणिज्य कॉलेज में लगभग 134.67 लाख रुपए की लागत से बने नए ओपन स्टेडियम का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने कॉलेज परिसर में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में शिरकत की और छात्र-छात्राओं को बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया।
शुभारंभ: कार्यक्रम का आगाज अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और ‘वंदे मातरम’, ‘जन गण मन’ तथा ‘अरपा पैरी के धार’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
गणमान्य उपस्थिति: इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री परेस बागबाहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, श्री येतराम साहू, श्री भीखम सिंह ठाकुर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य श्री शिव गोपाल रात्रे, प्रोफेसर और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
युवाओं के साथ संवाद और प्रोत्साहन
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों—जैसे आईआईएम, एम्स, ट्रिपल आईटी, एचएनएलयू और सिपेट—के बारे में सवाल किए।
सटीक जवाब देने वाले और सवाल पूछने वाले विद्यार्थियों (जैसे छात्रा भारती साहू व अन्य) को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें खरीदने के लिए 1-1 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधि श्रीमती अलका चंद्राकर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे इन युवाओं को उक्त राष्ट्रीय संस्थानों का भ्रमण करवाएं, ताकि वे वहां की कार्यप्रणाली को समझकर अपने लिए सही करियर का चुनाव कर सकें।
युवाओं को वित्त मंत्री की खास सीख
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा:
“आप सभी कॉलेज के इस स्वर्णिम और बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, जहां अपने भविष्य की नींव मजबूत कर सकते हैं। जो भी लक्ष्य तय करें, उसके लिए ठोस प्लानिंग करें। आने वाले 5 से 7 साल तक पूरी लगन के साथ तैयारी करें, आप जो पाना चाहेंगे, वह हासिल कर सकेंगे। जीवन में सही समय पर सही फैसले लें और उनके परिणामों के लिए भी मानसिक रूप से तैयार रहें।”
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे नर्सिंग, तकनीकी या कला जैसे अपने पसंदीदा रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों में आगे बढ़कर अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं।
















