मुख्यमंत्री निवास में सजा गरबा का भव्य दरबार, सीएम साय ने की प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सरकारी आवास पर शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक उत्सव में गुजराती समाज के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। ढोल-ताशों और गरबा की धुन पर सजे इस आयोजन ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की जनता के उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल आराधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह नारी सम्मान और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। गुजरात से शुरू हुई गरबा परंपरा आज पूरे देश में एकता और भाईचारे का संदेश दे रही है।
महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक धरोहर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की धार्मिक महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि माता कौशल्या की इस पावन भूमि पर माँ दंतेश्वरी, माँ बम्लेश्वरी, माँ महामाया और माँ चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ हमारी समृद्ध संस्कृति की पहचान हैं। सरकार “विकास भी, विरासत भी” की सोच के साथ इन धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
इस रंगारंग गरबा महोत्सव में गुजराती समाज के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लोगों ने छत्तीसगढ़ की प्रगति में अहम भूमिका निभाई है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, गजेंद्र यादव, टंक राम वर्मा, दयालदास बघेल, गुरु खुशवंत साहेब समेत गुजराती समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
















