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‘बोले चूड़ियाँ’ : जब फिल्म के बजट से भी महंगा साबित हुआ एक गाना

मुंबई (एजेंसी)। करण जौहर की आइकॉनिक फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ (K2G2) आज भी अपनी भव्यता और सितारों से सजी कास्ट के लिए जानी जाती है। हाल ही में फिल्म के लेखक-निर्देशक निखिल आडवाणी ने एक पुराना किस्सा साझा किया, जिससे पता चलता है कि उस दौर में फिल्मों के प्रति जुनून कैसा था।

₹3 करोड़ में तय हुई थी पूरी फिल्म

निखिल आडवाणी ने बताया कि आज के समय में बजट बनाने के लिए हफ्तों का समय और जटिल स्प्रेडशीट्स लगती हैं, लेकिन यश जौहर के साथ ऐसा नहीं था। जब निखिल ने उन्हें फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई, तो यश जी ने उनसे बजट पूछा। निखिल ने कागज पर 3 करोड़ रुपये लिखकर उन्हें दे दिए, जिसे यश जौहर ने तुरंत मंजूरी दे दी।

गाने के सेट ने तोड़े बजट के रिकॉर्ड

फिल्म की शूटिंग की शुरुआत मशहूर गाने ‘बोले चूड़ियाँ’ के सेट से हुई। करण जौहर इस गाने को बेहद भव्य बनाना चाहते थे, जिसके लिए:

200 डांसर्स और 300 जूनियर आर्टिस्ट्स को शामिल किया गया।

करण की पसंद के अनुसार विशेष रूप से कस्टम-मेड झूमर तैयार करवाए गए।

शूटिंग के दौरान कई चुनौतियां आईं; काजोल भारी लहंगे की वजह से परेशान थीं और खुद करण जौहर भी सेट पर बेहोश हो गए थे।

जब यश जौहर ने फाड़ दिया बजट का कागज

निखिल ने बताया कि एक शाम यश जौहर ने उन्हें चाय पर बुलाया और पुरानी बजट वाली पर्ची दिखाई। उन्होंने हंसते हुए कहा कि फिल्म के लिए जो 3 करोड़ तय हुए थे, उससे कहीं ज्यादा खर्च तो अकेले इस एक गाने के सेट पर हो चुका है। उन्होंने वह कागज फाड़ दिया और टीम से कहा कि अब बजट की चिंता छोड़ो और बस एक बेहतरीन फिल्म बनाओ।

फिल्म निर्माण का पुराना जुनून

आडवाणी के अनुसार, उस दौर के फिल्ममेकर्स जैसे यश चोपड़ा और यश जौहर में सिनेमा के लिए एक अलग ही नशा था। वे अपनी कला के लिए घर तक दांव पर लगाने को तैयार रहते थे। उनके अनुसार, आज के दौर में केवल आदित्य चोपड़ा और करण जौहर ही उस भव्य विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

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