खरीफ सीजन 2026 के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता, जमाखोरी पर रहेगी कड़ी नजर

रायपुर। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आश्वस्त किया है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और पंजीकृत रकबे के आधार पर हर किसान को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र से मिला 15.55 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समन्वय से केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए खरीफ सीजन 2026 हेतु 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का कोटा निर्धारित किया है। इसका विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
खाद का प्रकार,आवंटित लक्ष्य (मीट्रिक टन)
यूरिया,7.25 लाख
डीएपी (DAP),3.00 लाख
एनपीके (NPK),2.50 लाख
एसएसपी (SSP),2.00 लाख
एमओपी (MOP),80 हजार
वर्तमान स्टॉक और वैकल्पिक विकल्प
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च तक राज्य के गोदामों और समितियों में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक सुरक्षित है। अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण आयातित खाद की कमी की आशंका को देखते हुए विभाग अब किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों की ओर प्रोत्साहित कर रहा है।
विकल्प: नैनो यूरिया, हरी खाद, जैविक खाद और एनपीके (विभिन्न ग्रेड) की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्देश्य: रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करना और मिट्टी की उर्वरकता बनाए रखना।
कालाबाजारी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
खाद की अवैध बिक्री और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है:
जिला स्तर पर उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है।
गड़बड़ी पाए जाने पर विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू की जा रही है।
प्रशासनिक निर्देश और भविष्य की योजना
कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने हाल ही में रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
डिजिटलीकरण: पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन का काम युद्ध स्तर पर पूरा करना।
फसल विविधीकरण: सुगंधित धान, दलहन, तिलहन और उद्यानिकी फसलों (जैसे मखाना और मसाला) के रकबे को बढ़ाना।
ई-गवर्नेंस: बीज और खाद के वितरण में पूरी तरह से पारदर्शी ऑनलाइन सिस्टम का उपयोग।
“हमारा लक्ष्य है कि किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े। हम जैविक खाद और नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि वैश्विक अस्थिरता का असर हमारे राज्य की खेती पर न पड़े।”
— रामविचार नेताम, कृषि मंत्री
















