बंगाल चुनाव : “आतंकियों को अब बिरयानी नहीं, सीधा जवाब मिलता है”— नदिया में अमित शाह का कड़ा प्रहार

नई दिल्ली (एजेंसी)। नादिया, पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार अभियान तेज करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। नदिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पिछली नीतियों की आलोचना की और मोदी सरकार के सुरक्षा मॉडल की सराहना की।
आतंकवाद पर बदली नीति: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
अमित शाह ने सुरक्षा के मुद्दे पर पिछली सरकारों और वर्तमान सरकार के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान आतंकवादियों के प्रति नरम रुख अपनाया जाता था, लेकिन 2014 के बाद परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है।
सख्त रुख: शाह ने तंज कसते हुए कहा कि पहले आतंकियों को “बिरयानी” परोसी जाती थी, जबकि आज उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाता है।
सैन्य कार्रवाई: उन्होंने उरी और पुलवामा के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक का उदाहरण दिया। साथ ही, पहलगाम हमले के बाद चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब सीमा पार घुसकर दुश्मनों का खात्मा करता है।
घुसपैठ और वोटर लिस्ट पर ममता सरकार को घेरा
गृह मंत्री ने बंगाल की ज्वलंत समस्या ‘घुसपैठ’ को लेकर ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति रखती हैं।
“ममता दीदी पूछती हैं कि वोटर लिस्ट से नाम क्यों हटाए जा रहे हैं। मैं उन्हें बता देना चाहता हूँ कि 4 मई के बाद भाजपा की सरकार आते ही न केवल सूची साफ होगी, बल्कि हर एक घुसपैठिये को प्रदेश से बाहर निकाला जाएगा।”
विकसित बंगाल का संकल्प
अमित शाह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य में जनसभाओं को संबोधित किया था। पीएम ने ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि टीएमसी ने बंगाल की अस्मिता को चोट पहुंचाई है। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि भाजपा के शासन में बंगाल को फिर से देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।
शाह ने अंत में मतदाताओं से अपील की कि उनका एक वोट न केवल सरकार बदलेगा, बल्कि बंगाल में आतंकवाद और नक्सलवाद की जड़ें पूरी तरह समाप्त कर देगा।
















