छत्तीसगढ़

सावधान! छत्तीसगढ़ में बोर्ड रिजल्ट से पहले सक्रिय हुए साइबर ठग, ‘पास’ कराने का झांसा देकर मांग रहे पैसे

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने से पहले ही साइबर अपराधियों ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। गरियाबंद जिले में ठगी के ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ अभिभावकों को बच्चों के भविष्य का डर दिखाकर उनसे रुपयों की मांग की जा रही है।

कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल?

ठगों ने लोगों को फाँसने के लिए एक नया और मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया है:

नकली अधिकारी बनकर कॉल: जालसाज खुद को शिक्षा विभाग या माध्यमिक शिक्षा मंडल का बड़ा अधिकारी बताते हैं।

फेल होने का डर: ये ठग अभिभावकों को फोन कर बताते हैं कि उनका बच्चा एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण (फेल) हो रहा है।

पैसों की डिमांड: बच्चे को पास करने या नंबर बढ़ाने के बदले में 2,500 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की मांग की जा रही है।

फिंगेश्वर में सामने आया मामला

जिले के फिंगेश्वर क्षेत्र के निवासी चेतन निर्मलकर ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अनजान नंबरों से लगातार कॉल आ रहे हैं। कॉल करने वाला व्यक्ति उनकी बेटी को दो विषयों में फेल बता रहा है और पास कराने के नाम पर पैसों की मांग कर रहा है।

तकनीकी सेंधमारी की कोशिश

पैसों के अलावा, साइबर अपराधी निजी डेटा चुराने के लिए अन्य हथकंडे भी अपना रहे हैं:

संदेहास्पद APK फाइलें: मोबाइल हैक करने के लिए लिंक या ऐप्स भेजे जा रहे हैं।

QR कोड का खेल: भुगतान के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर बैंक खाता खाली करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस की अपील: जागरूक रहें, सुरक्षित रहें

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि शिक्षा मंडल कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करता। ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और तुरंत नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें। सतर्कता ही इस साइबर क्राइम से बचने का एकमात्र तरीका है।

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