सलमान खान को बड़ी राहत : विज्ञापन विवाद में गैर-जमानती वारंट पर राज्य आयोग की रोक

जयपुर (एजेंसी)। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत दी है। एक पान मसाला ब्रांड के भ्रामक विज्ञापन से जुड़े मामले में आयोग ने सलमान के खिलाफ जारी होने वाले गैर-जमानती वारंट पर फिलहाल रोक लगा दी है। राज्य आयोग ने यह निर्णय अभिनेता और संबंधित कंपनी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई के बाद लिया।
कानूनी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सलमान खान के पक्ष ने दलील दी कि जिला उपभोक्ता आयोग ने सीधे वारंट जारी करने की प्रक्रिया अपनाई, जो कि नियमानुसार नहीं थी। वकील ने तर्क दिया कि:
जिला आयोग ने बिना पूर्व समन भेजे ही जमानती वारंट जारी कर दिया।
जमानती वारंट को रद्द करने के लिए पहले से ही एक आवेदन जिला आयोग (जयपुर-द्वितीय) के पास लंबित है।
ऐसी स्थिति में गैर-जमानती वारंट जारी करना अनुचित है।
इन दलीलों को स्वीकार करते हुए राज्य आयोग ने स्पष्ट किया कि जब तक जमानती वारंट की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक सख्त वारंट जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिला आयोग को लंबित अर्जी पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला एक उपभोक्ता, योगेंद्र सिंह द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। विवाद की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
भ्रामक विज्ञापन का आरोप: मूल शिकायत में दावा किया गया था कि सलमान खान और पान मसाला कंपनी भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
प्रसारण पर रोक: आरोपों के बाद, उपभोक्ता आयोग ने 6 जनवरी को विज्ञापन के प्रसारण और प्रदर्शन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
आदेश का उल्लंघन: शिकायतकर्ता का आरोप है कि अदालती रोक के बावजूद 9 जनवरी को कोटा के नयापुरा स्टेडियम के पास इस ब्रांड के विज्ञापन वाले साइन बोर्ड देखे गए। इसे आयोग के आदेश की अवहेलना मानते हुए अवमानना याचिका दायर की गई थी।
इसी अवमानना मामले में जिला आयोग ने सलमान खान को 6 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था, जिस पर अब राज्य आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें तात्कालिक राहत प्रदान की है।
















