‘बैटल ऑफ गलवान’ पर भड़का चीन : सलमान खान की फिल्म को बताया ‘इतिहास से छेड़छाड़’, कहा- भारत ने लांघी थी सीमा

मुंबई (एजेंसी)। सलमान खान की आगामी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का टीजर जारी होते ही सीमा पार चीन में खलबली मच गई है। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुए संघर्ष पर आधारित यह फिल्म चीनी मीडिया और सरकार को रास नहीं आ रही है। चीनी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने इस फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे भारत की एक ‘राष्ट्रवादी चाल’ करार दिया है।
चीन ने फिल्म को बताया ‘अतिशयोक्ति’
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक विस्तृत रिपोर्ट में फिल्म की आलोचना की है। चीन का कहना है कि फिल्मी कल्पना के जरिए इतिहास को नहीं बदला जा सकता। रिपोर्ट में तंज कसते हुए लिखा गया है कि सलमान खान (जिन्हें चीन में ‘बजरंगी भाईजान’ के लिए जाना जाता है) अक्सर ऐसी फिल्मों में काम करते हैं जहाँ कहानी और एक्शन को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है। चीन ने फिल्म के टीजर के कुछ दृश्यों की तुलना ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ से करते हुए इसे ‘कॉपी’ बताया है।
गलवान संघर्ष पर चीन का वही पुराना दावा
फिल्म में शहीद कर्नल संतोष बाबू के किरदार और भारतीय सेना के पराक्रम को दिखाए जाने पर चीन ने अपनी खीज निकाली है। चीनी विदेश मंत्रालय के पुराने बयानों का हवाला देते हुए लेख में दावा किया गया कि:
गलवान घाटी पूरी तरह से चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में आती है।
तनाव की शुरुआत भारतीय सेना द्वारा अवैध रूप से बुनियादी ढांचे के निर्माण और एलएसी (LAC) पार करने से हुई थी।
पीएलए (PLA) ने केवल अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की।
चीनी सैन्य विशेषज्ञ सॉन्ग झोंगपिंग के अनुसार, बॉलीवुड फिल्मों का इस्तेमाल भारत में राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़काने के लिए किया जाता रहा है, लेकिन इससे जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।
क्या हुआ था जून 2020 में?
फिल्म की पृष्ठभूमि 15-16 जून 2020 की उस काली रात पर आधारित है, जब पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
भारतीय बलिदान: इस संघर्ष में बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू समेत भारत के 20 जांबाज सैनिक शहीद हुए थे।
चीनी धोखेबाजी: भारतीय दल डिसएंगेजमेंट (पीछे हटने की प्रक्रिया) का निरीक्षण करने गया था, जहाँ चीनी सैनिकों ने कील लगे डंडों और पत्थरों से उन पर हमला कर दिया।
हताहतों की संख्या: भारत ने अपने वीर शहीदों के नाम तुरंत सार्वजनिक किए थे, जबकि चीन ने महीनों तक अपने सैनिकों की मौत को छिपाए रखा और बाद में केवल 4 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में चीन के 40 से अधिक सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया था।
फिल्म की रिलीज: कर्नल संतोष बाबू की बहादुरी को समर्पित यह फिल्म 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। चीन की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि यह फिल्म रिलीज से पहले ही एक कूटनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
















