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मस्क के राजनीतिक चंदे पर गहराया विवाद : क्या अमेरिकी राजनीति और भारतीय बाजार पर पड़ेगा असर?

नई दिल्ली (एजेंसी)। दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क को लेकर अमेरिका में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने आरोप लगाया है कि मस्क आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन देने के लिए भारी-भरकम राशि खर्च कर रहे हैं। दूसरी ओर, भारत में मस्क की कंपनी ‘स्टारलिंक’ की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अमेरिकी चुनावों में मस्क के भारी चंदे पर सवाल

सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया है कि 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के लिए मस्क ने करीब 29 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। सैंडर्स के अनुसार, ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से मस्क की कुल संपत्ति में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और वे दुनिया के पहले खरبपति बन गए हैं।

इसके साथ ही, सैंडर्स ने आरोप लगाया कि 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस (संसद) पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बनाए रखने के लिए मस्क लगभग 36.6 करोड़ डॉलर (करीब 27.6 करोड़ डॉलर अकेले जुलाई के बाद से) खर्च कर रहे हैं। यह राशि सीनेट और प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने वाले प्रमुख संगठनों (जैसे सीनेट लीडरशिप फंड और अमेरिका पीएसी) को दी जा रही है।

‘कुलीनतंत्र’ (Oligarchy) पर छिड़ी बहस

सैंडर्स ने इस स्थिति को ‘कुलीनतंत्र’ करार दिया है। उनका तर्क है कि जब अरबपति लोग चुनावों में पानी की तरह पैसा बहाते हैं, तो इससे राजनीति और सरकारी नीतियों पर आम नागरिकों की आवाज कमजोर हो जाती है और कुछ गिने-चुने प्रभावशाली लोगों का दबदबा बढ़ जाता है। अमेरिका के आगामी मध्यावधि चुनाव इस बात की बड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं कि देश की संसद पर किस पार्टी का कब्जा होगा।

भारत में स्टारलिंक की एंट्री का इंतजार

एक तरफ जहां अमेरिका में मस्क के राजनीतिक योगदान पर बहस छिड़ी है, वहीं भारत में उनकी कंपनी स्टारलिंक अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं को शुरू करने के लिए विनियामक (Regulatory) मंजूरियों का इंतजार कर रही है। भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार में इस सेवा के आने से इंटरनेट कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, हालांकि नियामक प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा से जुड़े कई पहलुओं पर अभी भी नजर बनी हुई है।

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