सुपरस्टार चिरंजीवी के नाम पर चल रहे ढाबे को मिला कानूनी नोटिस, जानें मालिक का क्या है कहना

हैदराबाद (एजेंसी)। मेगास्टार चिरंजीवी दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं, जिनकी फैन फॉलोइंग जबरदस्त है। वे अपने विचारों को लेकर हमेशा स्पष्ट रहे हैं और हर मुद्दे पर अपनी राय खुलकर रखते हैं। चिरंजीवी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के उन कलाकारों में से हैं, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत अधिकारों (पर्सनालिटी राइट्स) की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख किया है। इसी बीच, चिरंजीवी का एक प्रशंसक उनके नाम पर एक भोजनालय (ढाबा) चलाने के कारण कानूनी पचड़े में फंस गया है।
सुपरस्टार के एक प्रशंसक ने इसी साल अप्रैल में हैदराबाद में उनके नाम से एक रेस्टोरेंट शुरू किया था। चिरंजीवी के नाम का उपयोग करने के चलते, हाल ही में इस ढाबे के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी किया गया है। अब इस ढाबे के मालिक ने भी पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
जैसे ही चिरंजीवी के नाम पर रेस्टोरेंट खोलने के कारण नोटिस मिलने की खबर सोशल मीडिया पर फैली, रेस्टोरेंट के मालिक ने एक पोस्ट साझा करते हुए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें नोटिस क्यों मिला है और वर्तमान में इस मामले की क्या स्थिति है। रेस्टोरेंट के मालिक रवि ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है।
मालिक का स्पष्टीकरण
वीडियो में रवि ने बताया कि यह आदेश हैदराबाद के सिविल कोर्ट द्वारा पारित किया गया है। उन्हें यह नोटिस चिरंजीवी के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के तहत मिला है। रवि ने कहा कि वे चिरंजीवी के बहुत बड़े फैन हैं, और इसीलिए उन्होंने उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए यह रेस्टोरेंट खोला था।
रवि के अनुसार, उन्होंने इस मामले को सुलझाने के लिए चिरंजीवी की टीम से संपर्क किया। इसके बाद सुपरस्टार ने उन्हें ढाबा पहले की तरह चलाते रहने की अनुमति दे दी है।
वीडियो के साथ साझा किए गए एक विस्तृत नोट में रवि ने लिखा: ‘यह पोस्ट सोशल मीडिया पर ‘चिरंजीवी ढाबा’ को लेकर जनता और प्रशंसकों के बीच फैली अफवाहों और भ्रम को दूर करने के लिए है। जैसा कि हम सब जानते हैं, हैदराबाद सिविल कोर्ट ने चिरंजीवी के नाम और छवि के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक निषेधाज्ञा आदेश (injunction order) जारी किया था। उनके नाम का इस्तेमाल करने वाले लगभग 50-60 प्रतिष्ठानों को भेजे गए नोटिसों में से एक हमें भी मिला था। इसके बाद, हमने उनकी टीम से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें सब कुछ समझाया। यह समझने के बाद कि हमारे इरादे सच्चे और सम्मानजनक हैं, चिरंजीवी गरु ने विनम्रतापूर्वक हमें अपना रेस्टोरेंट पहले की तरह चलाने की अनुमति दे दी।’
















