धुरंधर की ऐतिहासिक जीत : रणवीर सिंह के समर्पण की अनकही कहानी

मुंबई (एजेंसी)। हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। फिल्म की इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे अभिनेता रणवीर सिंह का वो कड़ा संघर्ष छिपा है, जो पर्दे पर नजर नहीं आता। फिल्म के प्रोस्थेटिक और मेकअप आर्टिस्ट करणदीप सिंह ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान फिल्म के क्लाइमेक्स की शूटिंग से जुड़ी चुनौतियों का खुलासा किया है।
भीषण गर्मी और जानलेवा चुनौतियां
करणदीप सिंह ने लुधियाना के बाहरी इलाके में हुई शूटिंग के भयावह अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वहां का वातावरण किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था:
चिलचिलाती धूप: शूटिंग के समय तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
छाँव का अभाव: उस बंजर इलाके में दूर-दूर तक कोई पेड़ या छाया उपलब्ध नहीं थी।
तपते कंटेनर: सेट पर मौजूद मेटल कंटेनर और मालगाड़ियां गर्मी के कारण भट्टी की तरह दहक रहे थे।
इन विपरीत परिस्थितियों के बीच रणवीर सिंह को न केवल खड़े रहना था, बल्कि एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर पर कूदते हुए हाई-ऑक्टेन फाइट सीक्वेंस भी करने थे।
खून की बाल्टियां और भारी लिबास
फिल्म की वास्तविकता को बनाए रखने के लिए किए गए प्रयासों पर बात करते हुए करणदीप ने बताया कि मेकअप टीम ने केवल एक सप्ताह के भीतर खून की एक पूरी बाल्टी इस्तेमाल कर ली थी।
“इतनी गर्मी में विग पहनना किसी ऊनी टोपी को पहनने जैसा असहज होता है, लेकिन रणवीर ने लेदर जैकेट, भारी पठानी सूट और ओवरकोट जैसे लेयर्ड कपड़ों में घंटों काम किया। उनकी सहनशक्ति देखकर हम सब हैरान थे।”
वहां मौजूद एयर कंडीशनर और पंखे भी उस तपिश के सामने बेअसर साबित हो रहे थे, जिससे टीम के लिए भोजन करना भी मुश्किल हो गया था।
₹1000 करोड़ के क्लब की ओर बढ़ते कदम
रणवीर सिंह की यह अटूट लगन अब रंग ला रही है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में ₹1000 करोड़ का जादुई आंकड़ा छूने की कगार पर है। अगर यह फिल्म ऐसा करने में सफल रहती है, तो यह इस मुकाम तक पहुंचने वाली इकलौती हिंदी फिल्म बन जाएगी।
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि रणवीर की यह परफॉर्मेंस उनके करियर की अब तक की सबसे प्रभावशाली प्रस्तुति है। अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से उन्होंने न केवल फिल्म को हिट कराया है, बल्कि फिल्म जगत में अभिनय के नए मानक भी स्थापित कर दिए हैं।
















