मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में सुशासन और नवाचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में प्रदेश में सुशासन और विकास की नई परिभाषा साझा की है। बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष अभिनंदन समारोह में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार जन-कल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित है और नवाचारों के माध्यम से प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रही है।

जनकल्याण और सुशासन का अटूट संकल्प

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नेक नीयत के साथ किए गए कार्यों का परिणाम हमेशा सुखद होता है। उनके अनुसार, मध्यप्रदेश आज पूरे देश में ‘गुड गवर्नेंस’ (सुशासन) और जनहितकारी नीतियों का केंद्र बन गया है। सरकार की प्राथमिकता केवल विकास नहीं, बल्कि समाज के हर छोर पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुँचाना है।

“हमने ‘विरासत से विकास’ के मंत्र को आत्मसात किया है। हम परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” — डॉ. मोहन यादव

विकास के नए क्षेत्र: पर्यटन और रोजगार

डॉ. यादव ने प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए पर्यटन को एक सशक्त माध्यम बताया। सरकार का लक्ष्य है कि:

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देना।

आध्यात्मिक और वन पर्यटन के क्षेत्रों को विकसित करना।

पर्यटन क्षेत्र में विस्तार के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना।

नवनियुक्त पदाधिकारियों का अभिनंदन

समारोह के दौरान विभिन्न निगमों, मंडलों, बोर्डों और विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि नियुक्तियों की प्रक्रिया निरंतर जारी है और समाज के योग्य व्यक्तियों को सेवा का अवसर दिया जाएगा।

प्रमुख उपस्थित जन और अभिनंदन करने वाले पदाधिकारी:

श्री चेतन्य कुमार काश्यप: मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।

श्री रामनिवास रावत: अध्यक्ष, म.प्र. राज्य वन विकास निगम।

श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी: अध्यक्षा, म.प्र. राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण।

डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव: अध्यक्ष, म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम।

श्री महेश केवट: अध्यक्ष, म.प्र. राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त किया। सरकार ने संकल्प दोहराया कि ‘सच्चा वादा-पक्का काम’ के सिद्धांत पर चलते हुए मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button