साय सरकार की योजनाओं से संवरी भारती की जिंदगी : कच्चे घर की चिंताओं से मिली पक्की आजादी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहा ‘सुशासन तिहार’ अभियान आम जनता के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहा है। सरकार की कल्याणकारी नीतियां अब सीधे गांवों और घरों तक पहुँच रही हैं, जिसका एक जीवंत उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दमदम में देखने को मिला है। यहाँ की निवासी भारती के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना खुशहाली का नया आधार बनी हैं।
बरसात और डर के साये से मिला छुटकारा
भारती का परिवार लंबे समय से एक जर्जर कच्चे मकान में जीवन बसर करने को मजबूर था। हर साल मानसून उनके लिए परेशानियां लेकर आता था—छत से पानी टपकना और तेज हवाओं में घर गिरने का डर उन्हें रात भर सोने नहीं देता था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण अपना पक्का घर बनाना भारती के लिए महज एक सपना था, लेकिन राज्य सरकार की सक्रियता ने इस सपने को सच कर दिखाया।
समाधान शिविर बना उम्मीद की किरण
भारती के जीवन में बदलाव की शुरुआत 6 मई को देवरीकला में आयोजित ‘समाधान शिविर’ से हुई। सुशासन तिहार के इस विशेष कार्यक्रम में उन्हें उनके नए पक्के मकान की चाबी और प्रमाण पत्र सौंपा गया। अपना घर होने की खुशी भारती की आँखों में साफ झलक रही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पक्की छत ने न केवल उनके परिवार को सुरक्षा दी है, बल्कि समाज में उन्हें एक नया सम्मान भी दिलाया है।
महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वास
सिर्फ रहने के लिए घर ही नहीं, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी भारती को सरकार का साथ मिला है। उन्हें महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। नियमित रूप से मिलने वाली इस राशि ने उन्हें वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाया है। भारती का कहना है कि इन पैसों से वे अपनी छोटी-मोटी पारिवारिक जरूरतों को बिना किसी हिचकिचाहट के पूरा कर पा रही हैं।
जमीनी स्तर पर दिख रहा सुशासन का असर
जिला प्रशासन द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है। भारती की यह सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही नीयत के साथ हो, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँच सकती है।
















