छत्तीसगढ़

विश्वविद्यालय के विकास के लिए वित्तमंत्री और कुलपति के बीच अहम चर्चा : आत्मनिर्भरता और सहयोग पर जोर

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उन्नति और आगामी विकास योजनाएं रहीं।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम: ‘सेल्फ फाइनेंस’ मॉडल का सुझाव

मुलाकात के दौरान वित्तमंत्री ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों की प्रशंसा की और शासन की ओर से हर संभव वित्तीय मदद का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने एक दूरदर्शी सुझाव देते हुए कहा कि संस्थान को भविष्य में अधिक सशक्त बनाने के लिए ‘स्व-वित्तीय’ (Self-Financed) और स्व-संचालित प्रणालियों को अपनाने की दिशा में काम करना चाहिए। इससे विश्वविद्यालय संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा।

सस्ती शिक्षा और सामाजिक सरोकार

कुलपति प्रो. दयाल ने वित्तमंत्री को विश्वविद्यालय की समावेशी नीतियों से अवगत कराया। उन्होंने साझा किया कि:

न्यूनतम फीस: विश्वविद्यालय का लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचाना है, इसलिए यहाँ मीडिया और अन्य कोर्स की फीस काफी कम रखी गई है।

सबकी पहुँच में शिक्षा: किफायती छात्रावास और शिक्षण शुल्क के कारण ही बस्तर से लेकर सरगुजा तक के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्र यहाँ उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

सरकारी नीतियों का लाभ: शासन की कल्याणकारी योजनाओं के चलते अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी बिना किसी वित्तीय तनाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर पा रहे हैं।

इस मुलाकात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश सरकार पत्रकारिता विश्वविद्यालय को न केवल वित्तीय सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि उसे एक स्वावलंबी और उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी देखना चाहती है।

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