भाजपा नेत्री के भाई की शादी में हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल, कांग्रेस ने उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान सरेआम हथियारों के प्रदर्शन और ‘हर्ष फायरिंग’ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हो रहा है, जिसमें भाजपा से जुड़ी मंडी सदस्य मोनिका सिंह के परिजन और रिश्तेदार हाथों में पिस्टल और बंदूकें लेकर हवा में गोलियां चलाते दिखाई दे रहे हैं।
उत्सव के बीच हथियारों की नुमाइश
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा वाकया मोनिका सिंह के भाई प्रतीक सिंह के विवाह समारोह का है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उत्सव के माहौल में मोनिका सिंह के पति ऋतुपर्ण सिंह और अन्य लोग कानून की परवाह किए बिना हवाई फायरिंग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, परिवार की महिलाएं और युवतियां भी हथियारों के साथ सोशल मीडिया रील्स बनाती नजर आईं। वीडियो के बैकग्राउंड में ‘धुरंधर’ फिल्म का गाना बज रहा है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी घटना को जानबूझकर रिकॉर्ड किया गया था।
रसूख और कानून पर उठते सवाल
हैरानी की बात यह है कि हर्ष फायरिंग करने वाले ऋतुपर्ण सिंह बिलासपुर में चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि उनकी पत्नी सत्ताधारी दल भाजपा की सक्रिय सदस्य और मंडी सदस्य हैं। सार्वजनिक स्थल पर इस तरह से हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ी चूक मानी जा रही है। सोशल मीडिया पर आम जनता अब पुलिस की सुस्ती और कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठा रही है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया मामला
इस घटना ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए हमला बोला है।
कांग्रेस का बयान: प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का खौफ खत्म होता दिख रहा है। उन्होंने मांग की है कि शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग की नियमित जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक रुख: रायपुर पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान होने के बाद उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
नोट: भारत में ‘हर्ष फायरिंग’ (Celebratory Firing) कानूनन अपराध है और इसमें लाइसेंस रद्द होने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।
















