छत्तीसगढ़ में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चैन दुरुस्त : मुख्यमंत्री ने दी अफवाहों से बचने की सलाह

रायपुर। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पाद, एलपीजी और उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाए।
प्रमुख बिंदु और सरकारी निर्देश:
भ्रम से दूर रहें नागरिक: मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य में ईंधन और खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति की तुलना कोविड काल से नहीं की जा सकती, फिर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासनिक मुस्तैदी: राज्य स्तर पर एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। साथ ही, प्रत्येक जिले में भी निगरानी समितियां और कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
कड़ी कार्रवाई का अल्टीमेटम: जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक प्रदेश भर में 335 जगहों पर छापेमारी की गई है, जिसमें 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
ईंधन और खाद की उपलब्धता पर स्पष्टीकरण
बैठक में तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है। गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग सुचारू रूप से चल रही है।
उज्ज्वला कनेक्शन: बुकिंग के बाद अधिकतम 45 दिनों की समय सीमा।
सामान्य कनेक्शन: बुकिंग के बाद अधिकतम 25 दिनों की समय सीमा।
खाद वितरण: किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा और निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अस्पतालों, छात्रावासों, सेना के संस्थानों और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों में निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, सीमावर्ती इलाकों और चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अवैध परिवहन रोका जा सके।
हेल्पलाइन नंबर: यदि किसी भी नागरिक को घरेलू गैस की आपूर्ति में समस्या हो या कालाबाजारी की शिकायत करनी हो, तो वे टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, डीजीपी अरुण देव गौतम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों का तत्काल खंडन करने की हिदायत दी है।
















