छत्तीसगढ़

झारखंड शराब केस : पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत, जानें कोर्ट ने क्या रखीं शर्तें

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निलंबित आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को झारखंड शराब घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें कड़ी शर्तों के साथ अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) प्रदान कर दी है। यह आदेश सिंगल बेंच द्वारा दिया गया है।

क्या है मामला?

अनिल टुटेजा पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक सिंडिकेट का निर्माण किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के शराब मॉडल का अनुसरण करते हुए झारखंड की आबकारी नीति में हेरफेर की गई, जिससे निजी शराब ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसके बदले में भारी कमीशनखोरी का आरोप है। ईओडब्ल्यू (EOW) और एसीबी (ACB) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आईपीसी की धारा 420 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।

वहीं, दूसरी ओर अनिल टुटेजा ने अपनी याचिका में इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उन्हें जेल में रखने की एक सोची-समझी साजिश बताया है।

अदालत की टिप्पणी और जमानत की शर्तें

कोर्ट ने जमानत देते समय महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि जांच एजेंसियों ने अब तक टुटेजा को विधिवत आरोपी नहीं बनाया है। इसके अलावा, मामले से जुड़े अन्य लोगों को पहले ही कोर्ट से राहत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है।

जमानत मिलने के साथ ही कोर्ट ने निम्नलिखित शर्तें लागू की हैं:

मुचलका: उन्हें 50,000 रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और इतनी ही राशि की दो सॉल्वेंट श्योरिटी जमा करनी होगी।

जांच में सहयोग: टुटेजा को पूरी जांच प्रक्रिया में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा।

साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़: उन्हें किसी भी गवाह को प्रभावित करने या मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि इन शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो जांच एजेंसी उनकी जमानत को रद्द कराने के लिए दोबारा आवेदन कर सकती है।

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