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1 जुलाई से एलपीजी नियमों में बड़ा बदलाव : पीएनजी और ई-केवाईसी को लेकर सख्त हुई सरकार

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में रसोई गैस (LPG) के उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई से कुछ महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। सरकार के नए संशोधनों के कारण इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के कुछ ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यह नियम सभी उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होंगे।

आइए जानते हैं कि इस नए बदलाव से आप पर क्या असर पड़ेगा:

  1. PNG वाले क्षेत्रों में कटेगा LPG कनेक्शन

केंद्र सरकार के नए आदेश के मुताबिक, जिन इलाकों में पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहाँ के उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाना अनिवार्य कर दिया गया है।

3 महीने की मोहलत खत्म: मार्च में सरकार ने ऐसे क्षेत्रों के एलपीजी यूजर्स को पीएनजी में शिफ्ट होने के लिए तीन महीने का समय दिया था, जिसकी समयसीमा जून के अंत में समाप्त हो रही है।

कनेक्शन होगा बंद: जिन लोगों के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है और उन्होंने एलपीजी भी रखा हुआ है, उनका एलपीजी कनेक्शन एक महीने के भीतर ब्लॉक कर दिया जाएगा।

मिलेगा री-एक्टिवेशन कूपन: जो लोग खुद से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करेंगे, उन्हें सरकार एक कूपन देगी। भविष्य में जरूरत पड़ने पर वे इस कूपन के जरिए अपना कनेक्शन दोबारा शुरू करा सकेंगे।

  1. ई-केवाईसी (E-KYC) की आखिरी तारीख आज

सभी एलपीजी खाताधारकों के लिए अपने कनेक्शन का ई-केवाईसी वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य है और इसकी अंतिम तिथि 30 जून है।

बुकिंग में होगी परेशानी: यदि आपने आज तक ई-केवाईसी नहीं कराया, तो आपका कनेक्शन सस्पेंड हो सकता है, जिससे अगले सिलेंडर की बुकिंग रुक जाएगी।

जिन उपभोक्ताओं का वेरिफिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है।

  1. कमर्शियल रीफिलिंग और री-बुकिंग नियमों में राहत की उम्मीद

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और खाड़ी देशों (होर्मुज जलडमरूमध्य) में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने के बाद सरकार ने कमर्शियल एलपीजी पर लगी पाबंदियाँ हटा दी हैं। इसके बाद अब घरेलू गैस उपभोक्ताओं को भी री-बुकिंग में बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

मौजूदा नियम: फिलहाल होर्डिंग रोकने के लिए शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक करने पर रोक है।

संभावित बदलाव: उम्मीद जताई जा रही है कि 1 जुलाई से इस वेटिंग पीरियड को कम किया जा सकता है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक या औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

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