छत्तीसगढ़

खनन क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए बनेगा नया टेक्निकल ढांचा, सीएम साय के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के इस्तेमाल को लेकर बड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा, रायगढ़ और कोरबा जैसे प्रचुर खनिज वाले जिलों में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

तकनीकी कमियों को दूर करने के आदेश

मुख्यमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि इन प्रमुख खनन क्षेत्रों में जन-कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों का दायरा काफी बढ़ चुका है। वर्तमान में तैनात इंजीनियरिंग और तकनीकी अमला इस बढ़ते बोझ को संभालने के लिए नाकाफी है। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को तुरंत नए डिवीजन स्थापित करने और अतिरिक्त तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती करने का आदेश दिया।

‘मॉडल विलेज’ के रूप में निखरेंगे प्रभावित गांव

बैठक में सीएम साय ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ के बजट का उद्देश्य सिर्फ कागजी निर्माण कार्य करना नहीं है, बल्कि इसका सीधा फायदा ग्राउंड जीरो पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा:

“खनिज संसाधनों पर पहला हक वहां के स्थानीय निवासियों का है। इसलिए जिन गांवों में माइनिंग हो रही है, उन्हें प्राथमिकता देकर आदर्श ग्राम (Model Village) के रूप में तब्दील किया जाए।”

इन चिन्हित गांवों में निम्नलिखित मूलभूत सुविधाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं:

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: पक्की सड़कें और सामुदायिक भवनों का निर्माण।

मूलभूत आवश्यकताएं: शुद्ध पेयजल की उपलब्धता।

सामाजिक विकास: उच्च स्तरीय शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं के लिए खेल की सुविधाएं।

पारदर्शिता और समय सीमा पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि डीएमएफ के तहत होने वाले हर काम में उच्च गुणवत्ता, पूरी पारदर्शिता और तय समय सीमा (डेडलाइन) का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है, ताकि प्रभावित जनता को उनके अधिकारों का सही लाभ मिल सके।

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