भारत में बढ़ती हृदय संबंधी समस्याएं और बचाव के प्रभावी उपाय

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में दिल के दौरे (Heart Attack) और कार्डियक अरेस्ट के मामलों में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत वर्तमान में हृदय रोगों के एक गंभीर ‘टाइम बम’ की स्थिति से जूझ रहा है। इस स्थिति के पीछे मुख्य रूप से हमारी बदलती जीवनशैली (Lifestyle) को जिम्मेदार माना गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता, समय पर जांच और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर इस गंभीर खतरे से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टाला जा सकता है।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है खतरा?
हाल ही में विश्व हृदय दिवस के अवसर पर देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के हृदय विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक सेठ के अनुसार, खराब खानपान, शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना, धूम्रपान, मोटापा, मधुमेह (Diabetes) और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रही हैं। उन्होंने बताया कि धमनियों में होने वाला एक छोटा सा ब्लॉकेज भी चंद मिनटों में किसी की भी जान ले सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में दिल का दौरा अचानक नहीं आता, बल्कि शरीर इसके संकेत पहले ही देने लगता है। सीने में जकड़न या ऐंठन, सांस लेने में दिक्कत होना या बिना किसी स्पष्ट कारण के अत्यधिक थकान महसूस होना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। समस्या यह है कि लोग अक्सर इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में जानलेवा साबित होता है।
खतरनाक तिकड़ी और बचाव के उपाय
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के प्रमुख डॉ. अतुल माथुर ने बताया कि देश में मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की तिकड़ी लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रही है। ये तीनों समस्याएं मिलकर अंदर ही अंदर धमनियों को कमजोर करती हैं, जिससे आगे चलकर अचानक ब्लॉकेज की स्थिति पैदा हो जाती है। हालांकि, सही समय पर कदम उठाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है।
हृदय रोगों से सुरक्षित रहने के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं:
नियमित स्वास्थ्य जांच: समय-समय पर अपने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाते रहें ताकि किसी भी खतरे की समय रहते पहचान हो सके।
सक्रिय जीवनशैली: रोजाना व्यायाम या योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और वजन को नियंत्रित रखें।
संतुलित आहार: जंक फूड और अस्वस्थ खानपान से तौबा करें तथा पोषक तत्वों से भरपूर भोजन अपनाएं।
तंबाकू से दूरी: सिगरेट, तंबाकू या किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह परहेज करें।
वैश्विक आंकड़े बताते हैं कि हर साल दुनिया भर में हृदय संबंधी परेशानियों के कारण करीब 2.05 करोड़ से अधिक लोगों की मौत होती है, जिनमें से 85 प्रतिशत मामले दिल के दौरे और स्ट्रोक से जुड़े होते हैं। यदि समाज में बीमारी के इलाज की बजाय उसकी रोकथाम (Prevention) पर जोर दिया जाए, तो इनमें से लगभग 80 प्रतिशत मौतों को आसानी से रोका जा सकता है।
















