भारत के फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व में आई बड़ी कमी, केंद्रीय बैंक ने जारी किए आंकड़े

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बड़ी खबर है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) और सोने के भंडार (Gold Reserves) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जून 2026 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 5.654 अरब डॉलर घटकर 666.933 अरब डॉलर पर आ गया है। इसके ठीक पिछले हफ्ते इसमें 963 मिलियन डॉलर की बढ़त देखी गई थी, जिससे यह 672.587 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।
विदेशी मुद्रा संपत्तियों (FCA) पर भी दिखा असर
विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, यानी फॉरेन करेंसी असेट्स (FCA) में भी इस दौरान 150 मिलियन डॉलर की कमी आई है, जिसके बाद यह अब 541.067 अरब डॉलर रह गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर के मुकाबले अन्य प्रमुख मुद्राओं (जैसे यूरो, पाउंड और येन) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर इस गिरावट के रूप में सामने आया है।
सोने के भंडार में रिकॉर्ड गिरावट
इस सप्ताह सबसे बड़ा झटका देश के गोल्ड रिजर्व को लगा है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार:
गोल्ड रिजर्व: सोने का भंडार 5.394 अरब डॉलर की भारी कटौती के साथ अब 102.536 अरब डॉलर पर सिमट गया है।
एसडीआर (SDRs): स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स की वैल्यू में भी 89 मिलियन डॉलर की कमी आई है, जिससे यह 18.558 अरब डॉलर रह गया है।
आईएमएफ (IMF) में स्थिति: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत की रिजर्व पोजीशन भी 21 मिलियन डॉलर घटकर 4.7772 अरब डॉलर रह गई है।
ऑल-टाइम हाई से नीचे फिसला ग्राफ
गौरतलब है कि इसी साल 27 फरवरी 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर (Record High) पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद पश्चिम एशिया (West Asia) में भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष की वजह से भारतीय रुपये पर लगातार दबाव बढ़ता गया। रुपये की सेहत को सुधारने और उसमें आ रही गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई ने बाजार में डॉलर बेचने समेत कई कड़े कदम उठाए, जिसके परिणामस्वरूप कुल रिजर्व में यह कमी देखी जा रही है।
क्यों घट रहा है गोल्ड रिजर्व?
सोने के भंडार में आई इस कमी के पीछे सरकार की नीतियां और रणनीतिक प्रयास शामिल हैं। देश के आर्थिक संकट को नियंत्रित करने और आयात खर्च (Import Bill) को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को देशवासियों से कुछ विशेष अपील की थीं, जिनमें शामिल हैं:
विदेशी यात्राओं में कटौती करना।
पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का सीमित उपयोग।
सोने की खरीदारी पर लगाम लगाना।
इन अपीलों के बाद सरकार ने सोने पर मिलने वाले आयात शुल्क (Import Duty) को काफी बढ़ा दिया। टैक्स बढ़ने के कारण देश में सोने के आयात में भारी कमी आई, जिसका सीधा असर गोल्ड रिजर्व के आंकड़ों में गिरावट के रूप में दिखाई दे रहा है।
















