‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है राज्यों का स्थापना दिवस : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल (एजेंसी)। लोकभवन (सांदीपनि सभागार) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संयुक्त स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के स्थापना दिवस मनाए गए।
विविधता में एकता ही भारत की वास्तविक शक्ति
अपने संबोधन में राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देश भर में राज्यों के स्थापना दिवस का आयोजन एक बेहद सराहनीय कदम है। यह आयोजन भारत की विविध संस्कृति, लोक कला और परंपराओं को करीब से समझने तथा उन पर गर्व करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह हमारी संघीय व्यवस्था, सांस्कृतिक समृद्धि और अखंडता को मजबूत करता है।
विभिन्न राज्यों का देश के विकास में अहम योगदान
राज्यपाल ने देश की प्रगति में अलग-अलग राज्यों के योगदान की सराहना करते हुए कहा: मध्य प्रदेश: यह धरती सदैव अतिथि सत्कार, सद्भाव और अपनेपन की प्रतीक रही है। यहाँ अन्य राज्यों से आकर बसे लोग भी परिवार के समान हैं।
पंजाब व हरियाणा: पंजाब अपने कृषि उत्पादन और उद्यमशीलता से देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है, वहीं हरियाणा के नागरिकों ने मेहनत, खेल और सैन्य क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है।
छत्तीसगढ़: यहाँ की जनजातीय संस्कृति, खनिज संसाधन और वन संपदा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
चंडीगढ़ व दिल्ली: चंडीगढ़ का आधुनिक ढाँचा और सुशासन देश के लिए प्रेरणा है, जबकि राजधानी दिल्ली राष्ट्रीय एकता और नीतिगत निर्णयों की मुख्य धुरी है।
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख: जम्मू-कश्मीर का पर्यटन, हस्तशिल्प व कृषि अर्थव्यवस्था को बल देते हैं, वहीं लद्दाख की सामरिक स्थिति और सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएँ सतत विकास का संदेश देती हैं।
युवाओं से आपसी संवाद और नवाचार का आह्वान
राज्यपाल पटेल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अन्य राज्यों की भाषा, कला और इतिहास को समझें तथा आपस में संवाद बढ़ाएँ। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे देश के संसाधनों और प्रतिभा का सही उपयोग करते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियाँ देखने को मिलीं:
पंजाब के प्रतिनिधियों द्वारा गुरुवाणी, बन्ना-बन्नी लोकगीत और गिद्धा नृत्य प्रस्तुत किया गया।
हरियाणा और छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने लोक नृत्य तथा शक्ति उपासना पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
विभिन्न राज्यों के समृद्ध इतिहास और मध्य प्रदेश के विकास पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।
समारोह के आरंभ में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का स्वागत शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर किया। राज्यपाल ने सभी भाग लेने वाले कलाकारों को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव श्री सुनील दुबे, लोकभवन नियंत्रक श्रीमती शिल्पी दिवाकर तथा विभिन्न राज्यों के भोपाल में निवासरत नागरिक उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन श्री जे.पी.एस. अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
















