बीज उत्पादन में स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदम : किसानों को मिली 8 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

रायपुर। प्रदेश को बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने नवा रायपुर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने राज्य के 3556 बीज उत्पादक किसानों के खातों में 8.01 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे (DBT के माध्यम से) हस्तांतरित की। यह राशि मंडी निधि के अंतर्गत वितरित की गई है।
गुणवत्ता और ईमानदारी पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीज की गुणवत्ता सीधे तौर पर सरकार की साख और कृषि की सफलता से जुड़ी होती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे पूरी ईमानदारी के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन करें। मंत्री जी ने कहा, “किसानों की कड़ी मेहनत ही छत्तीसगढ़ को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
फसल विविधीकरण की अपील
मंत्री श्री नेताम ने किसानों को केवल धान तक सीमित न रहकर आय बढ़ाने वाले अन्य विकल्पों की ओर बढ़ने की सलाह दी। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:
दलहन-तिलहन पर ध्यान: मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पानी की बचत के लिए दलहन, तिलहन और मिलेट्स (मोटा अनाज) की खेती को बढ़ावा दें।
गर्मी में धान से परहेज: उन्होंने पर्यावरण संतुलन का हवाला देते हुए अपील की कि गर्मी के मौसम में धान की खेती कम करें, क्योंकि इसमें पानी की खपत अत्यधिक होती है।
उद्यानिकी फसलें: सब्जी और अन्य नकदी फसलों के माध्यम से किसान अपनी आय में और अधिक वृद्धि कर सकते हैं।
निगम की उपलब्धियां और संवाद
इस अवसर पर मंत्री जी ने बीज निगम की एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर के किसानों से सीधा संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानी।
बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को समय पर प्रोत्साहन राशि मिलना उनके परिश्रम का सम्मान है। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदकर पहले ही किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम उठा चुकी है।
कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार और निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। किसानों ने समय पर आर्थिक सहायता मिलने पर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
















