छत्तीसगढ़ में ‘महिला शिखर सम्मान’ : 33 विप्र महिलाओं का हुआ विशेष अलंकरण

रायपुर। नवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित वृंदावन हॉल में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन और सर्व युवा ब्राह्मण परिषद छत्तीसगढ़ की संयुक्त पहल पर आयोजित ‘महिला शिखर सम्मान’ समारोह में प्रदेश की 33 विशिष्ट महिलाओं को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
समारोह का विधिवत उद्घाटन राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर की महापौर मीनल चौबे, भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय और डीसीपी अर्चना झा के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ।
नारी सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने महिलाओं की क्षमता और उनके सामाजिक योगदान पर अपने विचार साझा किए:
लक्ष्मी वर्मा ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने और करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मीनल चौबे ने समाज निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए।
शताब्दी पाण्डेय ने महिलाओं को ‘नारायणी’ के रूप में संबोधित करते हुए परिवार एवं समाज में उनकी अहमियत को रेखांकित किया।
अर्चना झा ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानें और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मान
वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ओझा और महिला विंग की अध्यक्ष नमिता शर्मा ने बताया कि यह सम्मान उन महिलाओं को दिया गया जिन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य, पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और कला-संगीत जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। चयनित 33 महिलाओं को स्मृति चिन्ह, शॉल और पुष्प भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक छटा और गरिमापूर्ण समापन
आयोजन को और अधिक यादगार बनाने के लिए महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें भक्तिपूर्ण भजन, जस-गीत, कविता पाठ और मनमोहक नृत्य शामिल थे। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह का संचार कर दिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन नमिता शर्मा और अरविंद ओझा ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि आभार प्रदर्शन अविनय दुबे ने किया। इस भव्य आयोजन में समाज के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन नारी शक्ति की प्रतिभा को मंच देने के साथ ही समाज में उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति को और अधिक सशक्त बनाने वाला रहा।
















