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नोएडा में सुगम होगा सफर : सड़कों पर उतरेंगी 50 नई इलेक्ट्रिक बसें

नोएडा (एजेंसी)। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और बढ़ते ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण जल्द ही शहर के विभिन्न रूटों पर 50 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने जा रहा है। इस निर्णय से न केवल यात्रियों की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक बड़ी पहल मानी जा रही है।

किन रूटों पर मिलेंगी सेवाएं?

इन बसों का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के साथ मिलकर किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है:

प्रमुख केंद्र: बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-62, और फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र।

कनेक्टिविटी: ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौर चौक), सूरजपुर कलेक्ट्रेट और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी।

फायदा: इससे रोजाना दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और औद्योगिक श्रमिकों को निजी वाहनों या महंगे ऑटो-टैक्सी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

बसों के निर्बाध संचालन के लिए बुनियादी ढांचे पर भी तेजी से काम हो रहा है:

सेक्टर-90 डिपो: यहाँ एक अत्याधुनिक वर्कशॉप और 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जहाँ 50 बसें एक साथ चार्ज की जा सकेंगी।

ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग: बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर 4 अतिरिक्त स्टेशन लगेंगे ताकि यात्रा के बीच में भी बसों को तुरंत चार्ज किया जा सके।

सुविधाएं: डिपो में चालकों और परिचालकों के लिए विश्राम गृह और सर्विस स्टेशन की भी व्यवस्था होगी।

प्रदूषण और जाम से मिलेगी मुक्ति

विशेषज्ञों का मानना है कि ई-बसों के आने से सड़कों पर निजी कारों और ई-रिक्शा की भीड़ कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या हल होगी। साथ ही, डीजल-पेट्रोल की खपत कम होने से वायु प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य: इन बसों का किराया किफायती रखने के लिए UPSRTC दरें निर्धारित करेगा। यदि संचालन में कोई वित्तीय घाटा होता है, तो उसकी भरपाई नोएडा प्राधिकरण द्वारा की जाएगी ताकि जनता को दी जाने वाली सेवा प्रभावित न हो।

इस नई शुरुआत से नोएडा न केवल एक ‘स्मार्ट सिटी’ बल्कि एक ‘ग्रीन सिटी’ के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा। आने वाले समय में सफलता के आधार पर बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।

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