मध्यप्रदेश

मंडला जिले में विकास की बहार, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला बोनस, 460 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के प्रवास के दौरान जनजातीय समुदायों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। प्रकृति पूजक जनजातीय संस्कृति को प्रदेश की अमूल्य धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने लगभग 460 करोड़ रुपये के 74 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

तेंदूपत्ता बोनस और काष्ठ लाभांश का वितरण: प्रदेश के 8 वनमंडलों के 9.04 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36.17 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इसके अलावा, वनों की सुरक्षा में सहयोग करने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26.56 करोड़ रुपये का काष्ठ लाभांश दिया गया।

विकास कार्यों की सौगात: मंडला में लगभग 460 करोड़ रुपये की लागत वाले 74 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। इसमें नया एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, नर्सिंग कॉलेज, 19 शासकीय हाईस्कूल भवन और सांदीपनि विद्यालय शामिल हैं।

शैक्षणिक प्रोत्साहन: मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी और हेलमेट वितरित किए गए। बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप और स्कूटी वितरण की योजना से राज्य में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

स्थानीय आवश्यकताओं और जनभावनाओं को ध्यान रखते हुए मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं की हैं:

शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार: मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में नए शासकीय महाविद्यालय खोले जाएंगे।

लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट: मंडला में लघु वनोपज के बड़े पैमाने पर संग्रहण को देखते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत एक प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।

टाइगर सफारी जू: क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को वन्यजीवों के नजदीक से दर्शन कराने के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू का निर्माण होगा।

पान की खेती की पुनरुत्पादकता: स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए जिले में पारंपरिक पान की खेती को फिर से शुरू किया जाएगा।

दुग्ध सहकारिता का विस्तार: पशुपालकों की आय बढ़ाने और दूध उत्पादन लक्ष्य को 20 प्रतिशत तक ले जाने के लिए जिले में आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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