सेंट पॉल स्कूल में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का पीला पंजा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सेंट पॉल स्कूल परिसर में बने एक विवादित ढांचे को मंगलवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने ढहा दिया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया था। किसी भी संभावित विरोध या हंगामे को रोकने के लिए स्कूल की तरफ आने-जाने वाले रास्तों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद स्कूल परिसर के भीतर हो रहे एक निर्माण कार्य से जुड़ा है। दरअसल, ‘हिंदू स्वाभिमान संगठन’ की प्रदेश अध्यक्ष विश्वदिनी पांडेय ने प्रशासन से इस निर्माण की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक भवन की आड़ में वहाँ एक कथित चर्च (धार्मिक ढांचा) तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीन के मालिकाना हक और निर्माण की वैधता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए थे।
शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ज़मीन के दस्तावेजों और नगर निगम से मिली अनुमतियों की बारीकी से जांच की। जांच में कमियाँ पाए जाने के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन के दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान अपर कलेक्टर समेत पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी खुद मोर्चे पर डटे रहे।
लीज़ खत्म होने और नियमों के उल्लंघन का आरोप
शिकायतकर्ता विश्वदिनी पांडेय के मुताबिक, जिस जमीन पर यह ढांचा खड़ा किया जा रहा था, उसकी सरकारी लीज़ (पट्टा) काफी समय पहले ही खत्म हो चुकी है। उनका दावा है कि इस निर्माण के लिए न तो नगर निगम से कोई नक्शा पास कराया गया था और न ही संबंधित विभागों से जरूरी मंजूरियां ली गई थीं।
प्रशासन की शुरुआती जांच में शिकायत के तथ्य सही पाए गए, जिसके बाद यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
फिलहाल, राजस्व और प्रशासनिक टीमें इस भूखंड से जुड़े कानूनी पहलुओं की आगे की जांच कर रही हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद भी एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी हुई है।
















