छत्तीसगढ़

बस्तर में बदलाव की बयार : आतंक का अंत, प्रगति और जनविश्वास का नया अध्याय

रायपुर। देश के विकास और आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को जनविश्वास और विकास की जीत बताया है। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार के दृढ़ संकल्प के कारण आज उन क्षेत्रों में शांति बहाल हुई है, जो कभी हिंसा और डर के साये में जीने को मजबूर थे। आज इन इलाकों में सुशासन और तरक्की का एक नया सवेरा हुआ है।

एक दौर था जब प्रभावित क्षेत्रों के निवासी बुनियादी सुविधाओं और अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा आशंकित रहते थे। वहाँ विकास कार्यों को पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था; सड़कों के निर्माण से लेकर मोबाइल टावरों की स्थापना तक, हर सकारात्मक कदम का हिंसक विरोध किया जाता था। निर्माण कार्यों को ठप करने की पुरज़ोर कोशिशें होती थीं।

लेकिन इन बाधाओं के आगे झुकने के बजाय, शासन ने दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को प्राथमिकता दी। पिछले कुछ समय में यहाँ व्यापक स्तर पर सड़कों का जाल बिछाया गया, संचार नेटवर्क बेहतर किया गया और बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाया गया। यह केवल ढांचागत सुधार नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन में नई उम्मीदें जगाने का प्रयास है।

सुरक्षा और विकास का संतुलन: यह बदलाव केवल बल प्रयोग से नहीं आया है। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के साथ-साथ सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित किया। इसी का नतीजा है कि आज शासन व्यवस्था पर आम नागरिकों का भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है।

विशेष रूप से बस्तर का उदाहरण देते हुए यह बात सामने आई कि जहाँ कभी बंदूकों की गूंज थी, वहाँ आज युवाओं की प्रतिभा खेलों के माध्यम से चमक रही है। ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों में स्थानीय युवाओं की भारी हिस्सेदारी इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अब हिंसा का रास्ता छोड़ शिक्षा, खेल और अवसरों की राह पर आगे बढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परिवर्तन का श्रेय केंद्रीय नेतृत्व की दूरदर्शिता और सुरक्षा बलों के शौर्य को दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं अब हर नागरिक तक पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने साझा किया कि शासन की सटीक रणनीति और जनता के सहयोग से इस क्षेत्र में अशांति का दौर अब समाप्त हो चुका है। आज बस्तर को हिंसा के लिए नहीं, बल्कि पर्यटन, खेल और प्रगति के लिए जाना जाता है। यह बदलाव ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में विकास और सुशासन का एक बेहतरीन मॉडल बनाएगा।

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