मध्यप्रदेश

‘सशक्त नारी-समर्थ नारी’ : मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों को बताया प्रदेश की शक्ति का आधार

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रदेश की प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन की सदस्यों और ‘ड्रोन दीदीयों’ से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी सनातन संस्कृति की नींव ही मातृ-शक्ति के सम्मान पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भाई के रूप में वे हमेशा प्रदेश की बहनों के उत्थान के लिए तत्पर रहेंगे।

नारी शक्ति के लिए सरकार की बड़ी पहलें

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की:

आरक्षण और भागीदारी: पंचायतों और निकायों के बाद अब सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 35% आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

आर्थिक प्रोत्साहन: महिला उद्यमियों को उद्योगों की स्थापना के लिए विशेष सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही, महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 2% की अतिरिक्त छूट का प्रावधान है।

प्रशासनिक नेतृत्व: मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि आज प्रदेश के 17 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ में है और बड़ी संख्या में महिलाएँ महापौर व सरपंच जैसे पदों पर नेतृत्व कर रही हैं।

सरगम की कला का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित नन्ही कलाकार सरगम कुशवाह ने अपनी सुरीली आवाज में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्हें ‘कंठ कोकिला’ की उपाधि दी और प्रोत्साहन स्वरूप 51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की।

अनुभवों का साझा मंच: सफलता की कहानियाँ

संवाद के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियाँ सुनाईं:

कृषि और आजीविका: सीहोर की संगीता मालवीय ने बताया कि कैसे उनकी ‘फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी’ ने ‘दीदी सुधाना’ पशु आहार के जरिए 6 करोड़ से अधिक का टर्नओवर पार किया है।

ड्रोन दीदी: रायसेन की वंदना केवट ने ‘नमो ड्रोन योजना’ के माध्यम से खेती में तकनीक के इस्तेमाल और अपनी नई पहचान के बारे में चर्चा की।

स्वास्थ्य सेवा: डॉ. पूजा त्रिपाठी ने मुख कैंसर के खिलाफ अपने ‘मुक्त’ अभियान और तंबाकू मुक्ति के लिए बनाए गए विश्व रिकॉर्ड के अनुभव साझा किए।

कला और व्यापार: दीपाली शर्मा और रेनू नायक ने बताया कि कैसे वे पारंपरिक चंदेरी, महेश्वरी और बाग प्रिंट को आधुनिक फैशन के साथ जोड़कर महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।

विकास के साथ विरासत का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नवाचार कर रही है। मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जो पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जमीन उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा, अंगदान करने वालों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने की नई परंपरा की सराहना करते हुए उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

“माँ हमारे जीवन की पहली गुरु है और भारत ही ऐसा देश है जिसे हम माता कहकर पुकारते हैं। बहनों का आत्मविश्वास और उनका बढ़ता सम्मान ही प्रदेश की असली प्रगति है।” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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