छत्तीसगढ़

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, श्रमिकों के हितों और सुरक्षा पर दिया जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में श्रम विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। दो चरणों में चली इस लंबी बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और श्रमिकों के कल्याण को लेकर कड़े निर्देश दिए।

श्रमिक सुरक्षा और उद्योगों का नियमित निरीक्षण

मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा:

अधिकारी नियमित रूप से कारखानों का निरीक्षण करें।

यदि सुरक्षा में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित उद्योगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

प्रति माह होने वाले निरीक्षणों की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से तैयार की जाए।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप, श्रमिकों का पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं का लाभ उन्हें समय सीमा के भीतर मिलना चाहिए।

कॉन्ट्रैक्ट लेबर और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए निर्देश

संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों को लेकर मंत्री ने विशेष संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

ईएसआईसी और पीएफ (PF): पंजीकृत ठेका श्रमिकों को अनिवार्य रूप से ईएसआईसी और भविष्य निधि का लाभ मिलना चाहिए।

लाइसेंस मिलान: ठेकेदार के पास जितने श्रमिकों का लाइसेंस है, मौके पर उतने ही श्रमिक कार्यरत हों, इसकी जांच की जाए।

पेंशन और ग्रेच्युटी: निजी कंपनियों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के ग्रेच्युटी भुगतान और अन्य शिकायतों का निवारण त्वरित गति से हो।

7 जिलों में खुलेंगे नए ‘श्रम अन्न केंद्र’

मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार किया जा रहा है। श्रमिकों को किफायती दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य के 7 जिलों में नए केंद्र जल्द शुरू किए जाएंगे:

मुंगेली

सक्ति

जगदलपुर

कांकेर

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

जशपुर

कोंडागांव (जगदलपुर क्षेत्र के अंतर्गत)

स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
बैठक के दूसरे चरण में कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा पर चर्चा हुई। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मंत्री ने निर्देश दिए:

ओपीडी (OPD) विस्तार: डिस्पेंसरी में मरीजों की संख्या बढ़ाने और इलाज की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश।

बायोमेट्रिक उपस्थिति: अस्पतालों और डिस्पेंसरी के स्टाफ की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से सुनिश्चित की जाए।

जागरूकता: कारखानों के बाहर नजदीकी डिस्पेंसरी की जानकारी और पता अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।

इस बैठक में श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव श्री विपुल गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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