बस्तर के सुदूर अंचलों में बुनियादी सुधारों को रफ्तार : वन मंत्री ने चेमा को दी ₹54 लाख के कार्यों की सौगात

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास को एक नया आयाम मिल रहा है। इसी कड़ी में, प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कोंडागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चेमा का दौरा किया। शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने क्षेत्र की प्रगति के लिए लगभग 54 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास (भूमिपूजन) किया। इस दौरान मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए सरकार के संकल्प को दोहराया।
गांवों के सर्वांगीण विकास और आर्थिक उन्नति पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के दुर्गम और पूर्व में माओवाद प्रभावित रहे इलाकों में अब विकास के पहिए तेजी से घूम रहे हैं। शासन का मुख्य ध्येय गांवों तक हर मौसम में अनुकूल रहने वाली सड़कें, बेहतर शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द से जल्द पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए किसानों और महिला समूहों को ध्यान में रखकर कई कल्याणकारी नीतियां चलाई जा रही हैं।
कनेक्टिविटी और आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
समारोह के दौरान मंत्री ने स्व-सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं से चर्चा की और उन्हें सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने महिलाओं को पारंपरिक खेती के अलावा पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी आजीविका संबंधी गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी, ताकि वे अपने परिवार की आय में इजाफा कर सकें।
इस अवसर पर कुल छह विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिनमें मुख्य रूप से:
अलग-अलग संपर्क मार्गों पर पुलिया निर्माण।
आंतरिक आवागमन को सुगम बनाने के लिए सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड का निर्माण।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रामीणों को बारहमासी सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे बारिश के दिनों में भी आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस विकास उत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम, जनपद सदस्य रमशीला कोर्राम, सरपंच खेम सोरी सहित सतबती कश्यप, सनत शोरी और बिशनाथ कोर्राम जैसे कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
















