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पीओके में गहराया संकट : प्रदर्शनकारियों ने भारत से मांगी मानवीय मदद, एलओसी खोलने की गुहार

नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में इस्लामाबाद सरकार के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब एक नया मोड़ ले चुका है। क्षेत्र में जारी तनाव के बीच अब स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने खुलकर भारत की तरफ देखना शुरू कर दिया है। ‘अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने एक जनसभा के दौरान भारत सरकार से मानवीय आधार पर सहायता भेजने की भावुक अपील की है।

राशन और दवाओं की भारी किल्लत

सरदार अमन खान का आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन आंदोलन को कुचलने के लिए दमनकारी नीतियां अपना रहा है। क्षेत्र की आर्थिक नाकेबंदी कर दी गई है, जिसके कारण PoK के नागरिकों के सामने भोजन, राशन और जरूरी दवाइयों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अमन खान ने मांग की है कि: बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुंछ और डोडा सेक्टर से लगी नियंत्रण रेखा (LoC) को खोला जाए।

संकट का सामना कर रहे स्थानीय लोगों को भारत जाने का विकल्प और रास्ता दिया जाए।

नोट: हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बयान और वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

“PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं” – गूंजे आजादी के नारे

पिछले एक महीने से इस क्षेत्र में पाकिस्तान सरकार की जनविरोधी नीतियों और उपेक्षा के खिलाफ भारी आक्रोश है। ईदगाह मैदान में हुई एक विशाल रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “हमें आजादी चाहिए” और “पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है” जैसे तीखे नारे लगाए।

इस असंतोष की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

संगठन पर प्रतिबंध: पाकिस्तानी प्रशासन ने बीती 5 जून को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) को प्रतिबंधित घोषित कर दिया था, जिससे जनता में नाराजगी और बढ़ गई।

बल प्रयोग का आरोप: प्रदर्शनकारियों का दावा है कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों का हिंसक इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें कुछ लोगों की जान भी गई है।

भारत की पैनी नजर

इस पूरे घटनाक्रम ने भारत और पाकिस्तान के बीच के कूटनीतिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल इस मामले पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि PoK के भीतर से उठ रही यह आवाज पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।

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