मध्यप्रदेश

आजीविका मिशन की दीदियाँ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कर रही हैं सशक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला’ के दौरान प्रदेश की महिला शक्ति की सराहना करते हुए उन्हें राज्य की अर्थव्यवस्था का नया आधार स्तंभ बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से बहनें न केवल स्वयं स्वावलंबी हो रही हैं, बल्कि ‘संगठन में शक्ति’ के मंत्र को साकार करते हुए प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

महिला सशक्तिकरण के प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां

प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत महिलाओं की भागीदारी ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं:

व्यापक नेटवर्क: राज्य के 5 लाख स्व-सहायता समूहों से अब तक 65 लाख से अधिक दीदियाँ जुड़ चुकी हैं।

आर्थिक प्रगति: इन समूहों में से 12 लाख दीदियाँ ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो उनकी आर्थिक उन्नति का प्रमाण है।

बड़ा व्यापार: पिछले एक वर्ष में इन समूहों ने विभिन्न माध्यमों और मेलों के जरिए 310 करोड़ रुपये का प्रभावशाली कारोबार किया है।

बजट में प्राथमिकता: सरकार ने महिला एवं बाल विकास के बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि की है, साथ ही कुल बजट का 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर केंद्रित रखा है।

वैश्विक बाज़ार से जुड़ेंगे स्थानीय उत्पाद

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की दीदियों के हुनर को दुनिया के सामने लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:

ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स: अब समूहों द्वारा बनाए गए उत्पाद अमेजन सहेली, इंडिया पोस्ट और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। इसके लिए इंडिया पोस्ट और अमेजन जैसे संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) साझा किए गए।

डिजिटल और फिजिकल आउटलेट्स: ग्वालियर में ‘आजीविका मार्ट’ और जबलपुर एयरपोर्ट पर रिटेल आउटलेट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया।

स्पेशल ‘होली हैम्पर’: त्यौहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक विशेष होली हैम्पर लॉन्च किया, जिसमें प्राकृतिक रंग, हर्बल उत्पाद और पूजन सामग्री जैसे 10 स्वदेशी उत्पाद शामिल हैं।

पारंपरिक खेती से लेकर तकनीक तक का सफर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेखांकित किया कि आज की महिलाएँ केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं। प्रदेश की बहनें अब ड्रोन और ट्रैक्टर चलाने से लेकर पेट्रोल पंपों के संचालन तक में अपनी धाक जमा रही हैं। इसके अतिरिक्त:

प्राकृतिक खेती: मध्यप्रदेश की लगभग 50 हजार दीदियाँ प्राकृतिक खेती के अभियान से जुड़कर पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा कर रही हैं।

लॉजिस्टिक्स सपोर्ट: ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना’ के तहत 7 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई, जो दूर-दराज के क्षेत्रों में उत्पादों की सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे।

नेतृत्व का संदेश

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप, भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में इन महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने दीदियों से तकनीक के साथ कदमताल करने और अपनी सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 दीदियों को सम्मानित किया गया और प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया गया।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button