मध्यप्रदेश

मप्र गृह विभाग समीक्षा : सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और पुलिस के आधुनिकीकरण पर जोर

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए पुलिस प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते समय की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को सभी जरूरी संसाधन और आधुनिक तकनीक मुहैया कराई जाएगी।

  1. जांच अधिकारियों के लिए ‘अन्वेषण भत्ता’

अपराधों की कड़ाई से जांच करने वाले विवेचकों (इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स) के लिए सरकार अन्वेषण भत्ता (इन्वेस्टिगेशन अलाउंस) लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके तहत डिजिटल साक्ष्य जुटाने, फॉरेंसिक वीडियोग्राफी, गवाहों व पीड़ितों के परिवहन और अदालती प्रक्रिया के दौरान होने वाले आकस्मिक खर्चों को कवर किया जाएगा।

  1. महिला सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन

शैक्षणिक संस्थानों पर सुरक्षा: स्कूल और कॉलेजों के आस-पास मनचलों और छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अवैध गतिविधियों पर रोक: खुले में मांस की बिक्री और तय सीमा से तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से पालन जारी रहेगा।

नशा मुक्ति: युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रदेश भर में नशा विरोधी अभियान निरंतर चलाया जाएगा।

  1. सिंहस्थ 2028 की तैयारियां

उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ महापर्व के लिए भीड़ नियंत्रण, यातायात और आपदा प्रबंधन की योजनाएं अभी से तैयार की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ के लिए जो भी नए कंट्रोल रूम या सुरक्षा ढांचे बनाए जाएं, वे अस्थाई न होकर स्थाई अधोसंरचना (परमानेंट इंफ्रास्ट्रक्चर) के रूप में विकसित किए जाएं ताकि भविष्य में भी उनका लाभ मिल सके।

  1. तकनीकी अपग्रेडेशन और एआई (AI) का उपयोग

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए गृह विभाग जल्द ही आईटी सलाहकारों (IT Consultants) की सेवाएं लेगा।

सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे।

बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए देश में पहली बार एआई आधारित ‘सेफगार्ड एमपी’ प्रणाली लागू करने पर चर्चा हुई।

  1. अपराधियों पर नकेल और सख्त कार्रवाई

माफियाओं के खिलाफ एक्शन: भू-माफिया और संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्तियां कुर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौवंश संरक्षण: गौवंश की तस्करी या नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई होगी।

ई-साक्ष्य और ई-चालान: जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आईटी उपकरणों तथा डिजिटल साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।

  1. पुलिस और किसान कल्याण के लिए अनूठी पहल

किसानों के लिए हेलमेट: ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत गांवों से रोजाना दूध और सब्जी लेकर शहर आने वाले किसानों की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग के सहयोग से हेलमेट बांटे जा रहे हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

पुलिस आवास योजना: पुलिसकर्मियों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराने के लिए पुलिस हाउसिंग बोर्ड नए आवासों का निर्माण करेगा। साथ ही, बेहतर काम करने वाले जवानों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत भी किया जाएगा।

बैठक की मुख्य उपस्थिति: इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन (वर्चुअली), मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनीष रस्तोगी और पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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