‘सेव अमेरिका एक्ट’ पर ट्रंप का कड़ा रुख : समझौते के लिए रखीं बड़ी शर्तें

वाशिंगटन:(एजेंसी)।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह डेमोक्रेट्स के साथ किसी भी विधायी समझौते को तभी मंजूरी देंगे, जब वे उनके प्रस्तावित ‘सेव अमेरिका एक्ट’ का समर्थन करेंगे। ट्रंप ने इस व्यापक नीतिगत पैकेज को मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रख दिया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण और विवादास्पद बदलाव शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए ट्रंप ने विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ‘कट्टरपंथी वामपंथियों’ के साथ किसी भी तरह का समझौता तब तक संभव नहीं है, जब तक वे रिपब्लिकन पार्टी के साथ मिलकर इस नए कानून को पारित नहीं करवाते।
ट्रंप की प्रमुख मांगें और आपत्तियां
ट्रंप ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को सीनेट की अन्य प्राथमिकताओं से ऊपर बताया है। उनकी प्रमुख आपत्तियां और शर्तें निम्नलिखित हैं:
बजट में कटौती का विरोध: उन्होंने आव्रजन प्रवर्तन (ICE) के फंड में $5 अरब की संभावित कटौती की कड़ी आलोचना की है। उनके अनुसार, किसी भी नाम से पेश किया गया ऐसा समझौता अमेरिकी जनता को स्वीकार्य नहीं होगा।
चुनावी सुधार: ट्रंप चाहते हैं कि नए नियमों में फोटो युक्त वोटर आईडी, मतदान के लिए नागरिकता की अनिवार्य पुष्टि और डाक द्वारा मतदान (Mail-in voting) पर सख्त पाबंदी जैसे प्रावधान शामिल हों।
सामाजिक नीतियां: प्रस्तावित विधेयक में खेलों में भागीदारी और जेंडर-रीअसाइनमेंट प्रक्रियाओं से संबंधित विवादास्पद सामाजिक मुद्दों पर भी कड़े प्रावधानों की मांग की गई है।
संसदीय रणनीति: उन्होंने रिपब्लिकन नेतृत्व, विशेषकर सीनेटर थून से आग्रह किया है कि वे इन सभी मांगों को एक ही विधायी पैकेज में शामिल करें। साथ ही, उन्होंने इस पैकेज को पास कराने के लिए ‘फिलिबस्टर’ (Filibuster) जैसे नियमों को खत्म करने और जरूरत पड़ने पर छुट्टियों में भी काम करने की वकालत की है।
“सब कुछ एक साथ मिलाकर मतदान करें! हमें उन लोगों की पहचान करनी होगी जो देश के हितों के खिलाफ खड़े हैं।” — डोनाल्ड ट्रंप
















