मध्यप्रदेश में सुरक्षा का कवच : 2 लाख बेटियों का हुआ एचपीवी टीकाकरण

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश ने महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 2 लाख से अधिक बालिकाओं को टीका लगाया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने इस सफलता को प्रदेश की बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है।
मुख्यमंत्री की सराहना: जन-भागीदारी से मिली सफलता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की टीम, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं और ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से उन जागरूक अभिभावकों की प्रशंसा की, जिन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी बेटियों का टीकाकरण कराया।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
बेटियों की सुरक्षा: यह अभियान केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के विरुद्ध एक मजबूत सुरक्षा कवच है।
समग्र स्वास्थ्य सेवा: राज्य सरकार बेहतर अस्पतालों, आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के माध्यम से “स्वस्थ मध्यप्रदेश” के संकल्प को साकार कर रही है।
अपील: मुख्यमंत्री ने सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इसे एक ‘जन-आंदोलन’ बनाने का आह्वान किया ताकि कोई भी पात्र बालिका इस सुरक्षा से वंचित न रहे।
टीकाकरण में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका
उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 फरवरी 2026 को अजमेर से शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान में मध्यप्रदेश ने तेजी से अपनी बढ़त बनाई है। 1 लाख का आंकड़ा पार करने के बाद अब 2,00,538 बालिकाओं के टीकाकरण के साथ प्रदेश देश में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है।
जिलावार प्रदर्शन: ये जिले रहे सबसे आगे
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में कुछ जिलों ने असाधारण प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से 50% से अधिक लक्ष्य प्राप्त करने वाले जिले इस प्रकार हैं:
जिला,टीकाकरण कवरेज (%)
डिंडोरी,74.70%
राजगढ़,69.61%
बालाघाट,68.95%
मंडला,66.44%
खरगोन,55.06%
खंडवा,53.15%
अभिभावकों के लिए संदेश: > उप मुख्यमंत्री ने अपील की है कि 14 से 15 वर्ष की आयु की सभी बालिकाओं का टीकाकरण अवश्य कराएं। स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभाग के समन्वय से यह प्रक्रिया अत्यंत सुलभ बनाई गई है।
सरकार का अगला लक्ष्य शत-प्रतिशत पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को कैंसर मुक्त और स्वस्थ जीवन दिया जा सके।
















