ऊर्जा सुरक्षा मिशन : होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नौसेना का सुरक्षा चक्र

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय नौसेना ने ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ (Operation Energy Security) के तहत मोर्चा संभाल लिया है। भू-राजनीतिक तनाव के बीच, भारतीय युद्धपोतों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तैनात किया गया है ताकि भारत आ रहे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके।
मिशन की मुख्य बातें:
नौसैनिक सुरक्षा: सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना ने इस क्षेत्र में 5 से अधिक शक्तिशाली युद्धपोत (डिस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स) तैनात किए हैं। इनका मुख्य काम LPG, LNG और कच्चे तेल से लदे जहाजों को सुरक्षा घेरा प्रदान करना है।
ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि भारत जैसे मित्र देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। ओमान की खाड़ी में तैनात भारतीय नौसेना के जहाज इन कार्गो को ‘वेरिफिकेशन’ के बाद अपनी सुरक्षा में लेते हैं और अरब सागर तक सुरक्षित पहुंचाते हैं।
सफलता: इस मिशन के चलते हाल ही में ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ नामक दो बड़े जहाज लगभग 92,000 टन LPG लेकर सुरक्षित भारत पहुँच चुके हैं।
घरेलू गैस आपूर्ति पर सरकार का नया निर्देश
ऊर्जा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ताओं को अब अनिवार्य रूप से इसे अपनाना होगा।
नए नियम के मुख्य बिंदु:
3 महीने की मोहलत: PNG सुविधा उपलब्ध होने पर ग्राहकों को नोटिस दिया जाएगा। उन्हें 3 महीने के भीतर कनेक्शन लेना होगा।
LPG कनेक्शन का कटना: यदि ग्राहक तय सीमा में PNG नहीं अपनाते, तो उनकी LPG (सिलेंडर) सप्लाई बंद कर दी जाएगी।
उद्देश्य: इस कदम का लक्ष्य गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करना और ईंधन के लिए एक ही स्रोत पर निर्भरता कम करना है।
विशेष नोट: यह रणनीति विशेष रूप से उन 20 फंसे हुए कार्गो जहाजों को निकालने के लिए बनाई गई है जो अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण फंसे हुए थे।
















