पश्चिम एशिया संकट की तपिश : हवाई ईंधन के दामों में दोगुने से अधिक का उछाल, अब महंगा होगा आसमान का सफर

नई दिल्ली (एजेंसी)। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब भारतीय विमानन क्षेत्र पर दिखने लगा है। वैश्विक अस्थिरता के कारण घरेलू बाजार में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 115% की रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज की गई है। तेल कंपनियों द्वारा की गई इस भारी बढ़ोतरी के बाद अब हवाई यात्रा करना आम जनता के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है।
क्यों लगी ईंधन की कीमतों में आग?
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजार में मची उथल-पुथल इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। युद्ध की स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।
ब्रेंट क्रूड: $105.68 प्रति बैरल (आज सुबह के आंकड़े)
WTI क्रूड: $102.82 प्रति बैरल
महानगरों में ATF की नई दरें (प्रति किलोलीटर)
आज यानी 1 अप्रैल से लागू हुई नई कीमतें पिछले महीने की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं:
शहर,नई कीमत (लगभग),पुरानी कीमत (मार्च)
नई दिल्ली,₹2.07 लाख,”₹96,638″
कोलकाता,₹2.05 लाख,”₹99,587″
चेन्नई,₹2.14 लाख,₹1.00 लाख
मुंबई,₹1.94 लाख,”₹90,451″
विमानन कंपनियों और शेयर बाजार पर प्रभाव
ईंधन की कीमतों में इस अप्रत्याशित उछाल से एयरलाइन कंपनियों के परिचालन खर्च (Operating Cost) में भारी बढ़ोतरी होगी। आज शेयर बाजार में इंडिगो (IndiGo) और स्पाइसजेट (SpiceJet) जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखे जाने की संभावना है। निवेशक इस समय एविएशन सेक्टर के स्टॉक्स को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
चूंकि किसी भी एयरलाइन की कुल लागत का लगभग 40% हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए कंपनियां इस बोझ को यात्रियों पर डालने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में हवाई टिकटों के बेस फेयर में बड़ी वृद्धि देखी जा सकती है, जिससे गर्मी की छुट्टियों में यात्रा की योजना बना रहे लोगों का बजट बिगड़ सकता है।
















