छत्तीसगढ़

बस्तर के कायाकल्प की तैयारी : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को सौंपा ‘विकास का विजन-दस्तावेज़’

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर अंचल में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की और क्षेत्र के भविष्य को बदलने वाला एक विस्तृत ‘विकास ब्लूप्रिंट’ प्रधानमंत्री को सौंपा। साथ ही, उन्होंने पीएम मोदी को मानसून के उपरांत बस्तर प्रवास के लिए आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत इस कार्ययोजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  1. बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी का विस्तार

बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने बड़े लक्ष्य तय किए हैं:

सड़क जाल: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2027 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण किए जाएंगे। साथ ही 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है।

रेल और हवाई सेवा: रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन और जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार पर तेजी से काम होगा।

ऊर्जा: हर घर तक बिजली पहुंचाने के अभियान को और अधिक गति दी जाएगी।

  1. शिक्षा और स्वास्थ्य: एक नया सवेरा

बस्तर के युवाओं और नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए सामाजिक अधोसंरचना को सुधारा जा रहा है:

एजुकेशन सिटी: जगरगुंडा और ओरछा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अत्याधुनिक ‘एजुकेशन सिटी’ का निर्माण होगा।

अस्पताल: दंतेवाड़ा में नया मेडिकल कॉलेज और जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की नींव रखी जाएगी।

खेल सुविधाएं: युवाओं की प्रतिभा निखारने के लिए 15 नए स्टेडियम और मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे।

  1. ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और आर्थिक सशक्तिकरण

सरकार का लक्ष्य 2029 तक बस्तर के 85% परिवारों की मासिक आय को दोगुना (15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये) करना है।

विस्तार: ‘नियद नेल्ला नार’ योजना अब 10 जिलों तक फैल चुकी है, जिसमें गरियाबंद और मोहला-मानपुर जैसे नए जिले भी शामिल हैं।

सिंचाई: इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार परियोजनाओं से करीब 32,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

स्टार्टअप: ‘अंजोर विजन 2047’ के तहत 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है।

  1. पर्यटन और संस्कृति की वैश्विक पहचान

बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के सामने लाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं:

चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात के पास ग्लास ब्रिज, कैनोपी वॉक और एडवेंचर टूरिज्म विकसित किया जा रहा है।

‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है।

  1. ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर मुन्ने’ नामक एक अनूठी पहल की जानकारी दी। इसके तहत हर ग्राम पंचायत में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर ही नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेंगे और सरकारी योजनाओं के लाभ हेतु आवश्यक दस्तावेज तुरंत तैयार करेंगे।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर ‘डर’ से निकलकर ‘विकास और विश्वास’ के नए युग में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री के आगामी दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण इस परिवर्तन को और मजबूती देगा।

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