छत्तीसगढ़

तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का मंगल गान, सीएम साय ने संतों संग की पूजा

शिवरीनारायण। जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित कुरियारी (तेंदुवा धाम) में नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन शुरू हो गया है। इस भक्तिमय अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ ‘राम मिलेंगे आश्रम’ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां विधि-विधान से पूजन कर प्रदेश की जनता की सुख-शांति और उन्नति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज सहित उपस्थित अन्य संतों का सानिध्य प्राप्त कर उनका आशीर्वाद लिया।

आस्था और भक्ति का संगम: मुख्यमंत्री का संबोधन

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन धरा सौभाग्यशाली है, जिसे भगवान श्रीराम के चरणों का स्पर्श मिला। उन्होंने माता शबरी की अनन्य भक्ति का स्मरण करते हुए कहा कि आस्था और समर्पण की जो विरासत यहाँ विद्यमान है, वह अद्वितीय है। मुख्यमंत्री ने तेंदुवा धाम को सांस्कृतिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बताया, जहाँ हज़ारों की संख्या में लोग रामकथा के माध्यम से धर्म से जुड़ रहे हैं।

सेवा और समर्पण की नई पहल

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में कई जनहितकारी और धार्मिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें प्रमुख हैं:

हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए।

श्री राम-जानकी मंडपम और हनुमत प्रवेश द्वार।

हरिवंश वैदिक पाठशाला: संस्कारों की शिक्षा हेतु।

मां दुर्गा गौ मंदिर: गौ-सेवा और संरक्षण के लिए।

श्री साय ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने हमेशा राम काज में हाथ बंटाया है, चाहे वह चावल भेजना हो या चिकित्सकों की सेवा। उन्होंने ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ की सफलता पर भी हर्ष जताया।

राज्य की प्रगति और सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के दिशा-निर्देशों के कारण प्रदेश में अब नक्सलवाद का अंत हो चुका है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार राज्य में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

आयोजन की विशिष्टताएँ

राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने जानकारी दी कि माता शबरी की इस जन्मस्थली पर ‘कलिंग शैली’ में एक भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम केवल धार्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि शबरी रसोई, निर्धन कन्याओं के विवाह और चिकित्सा जैसे सामाजिक कार्यों का भी गवाह बन रहा है।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महंत रामसुंदर दास, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना और कई अन्य संत-महात्मा व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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