ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें महज अफवाह, सरकार ने स्पष्ट किया अपना रुख

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित वृद्धि को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद ईंधन के दामों में बढ़ोतरी करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
मंत्रालय ने अटकलों को सिरे से नकारा
मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बाद तेल की कीमतों में इजाफा करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह बयान उन आशंकाओं के बीच आया है जिसमें दावा किया जा रहा था कि चुनावी प्रक्रिया खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाला जा सकता है।
घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) न करने की अपील
कीमतें बढ़ने की अफवाहों के कारण आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में ‘पैनिक बाइंग’ की स्थिति देखी गई, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की नौबत आ गई। अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि:
देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ निरंतर तालमेल बिठाया जा रहा है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें।
वैश्विक संकट और तेल कंपनियों की चुनौतियां
पश्चिम एशिया (खासकर ईरान और इजराइल के बीच) में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल का भाव 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
वर्तमान वित्तीय स्थिति पर एक नजर:
स्थिर कीमतें: भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से लगभग अपरिवर्तित हैं।
कंपनियों का नुकसान: कच्चे तेल की बढ़ती लागत और स्थिर बिक्री मूल्य के कारण सरकारी तेल कंपनियों को प्रतिदिन भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ रहा है।
अनुमान बनाम वास्तविकता: बाजार विशेषज्ञों ने चुनावी नतीजों के बाद 25 से 28 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का अनुमान लगाया था, जिसे सरकार ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
वर्तमान में, दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। सरकार के इस हालिया स्पष्टीकरण से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है।
















