छत्तीसगढ़

शौर्य चक्र विजेताओं से मिले डिप्टी सीएम विजय शर्मा, जांबाजों के अदम्य साहस को सराहा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों ‘शौर्य चक्र’ से नवाजे गए सुरक्षा बल के जवानों से अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस आत्मीय मिलन के दौरान गृहमंत्री ने जवानों की वीरता को सलाम करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम सहित बहादुर जवानों के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं ये जांबाज

जवानों का हौसला बढ़ाते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पूरे देश और छत्तीसगढ़ को अपने इन वीर पिताओं-बेटों पर नाज है। उन्होंने विपरीत और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जिस अटूट देशभक्ति और अदम्य साहस का परिचय दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल और प्रेरणा का काम करेगा।

सफलता के पीछे परिवारों का भी बड़ा त्याग

विजय शर्मा ने शौर्य चक्र विजेता इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख और राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक कारनामों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने जवानों के परिजनों से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा के इस गौरवशाली सफर में परिवारों का मानसिक सहयोग और त्याग भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि जवानों का मैदान पर डटे रहना। गृहमंत्री ने खुद जवानों से उन लाइव ऑपरेशन्स के अनुभवों की जानकारी भी ली।

इन जांबाज ऑपरेशन्स के लिए मिला ‘शौर्य चक्र’

नक्सली मोर्चे पर अद्वितीय रणनीतिक कौशल: छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख ने 16 अप्रैल 2024 को कांकेर इलाके में नक्सलियों के खिलाफ एक बड़े और जोखिम भरे ऑपरेशन का नेतृत्व किया था। उनके इसी रणनीतिक कौशल और सूझबूझ के कारण सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली थी।

घायल होने के बाद भी पीछे नहीं हटे साहू: 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू ने भारत-म्यांमार सीमा पर घुसपैठियों के खिलाफ चलाए गए एक अभियान में अपनी जान की परवाह नहीं की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे मोर्चे पर डटे रहे और दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

जवानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुलाकात के अंत में उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अपने सैनिकों के मान-सम्मान, उनकी सुख-सुविधाओं और उनके परिवारों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन जवानों का त्याग और समर्पण देश सेवा का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।

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