मुंगेली में गौरवपूर्ण आयोजन : मुख्यमंत्री साय ने किया महान विभूतियों की प्रतिमाओं का अनावरण

मुंगेली। छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ के उत्सव के बीच, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुंगेली जिले के भ्रमण के दौरान नगर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों और संतों की प्रतिमाओं का लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना है।
इस गरिमामय समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और क्षेत्रीय विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले सहित कई जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
प्रतिमा अनावरण एवं मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री ने नगर के चार प्रमुख स्थलों पर प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की:
डॉ. भीमराव अंबेडकर (कलेक्टोरेट परिसर): संविधान निर्माता की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब द्वारा निर्मित संविधान ही हमारे लोकतंत्र की नींव है। सरकार उनके समानता और न्याय के संदेश को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए संकल्पित है।
गुरु घासीदास बाबा (दाऊपारा): बाबा गुरु घासीदास की प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए श्री साय ने कहा कि ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उनका संदेश आज भी सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा सूत्र है।
महाराणा प्रताप (पड़ाव चौक): वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री ने उनके अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को याद किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के स्वाभिमान और त्याग से प्रेरणा लें।
भक्त माता कर्मा (रायपुर रोड तिराहा): सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें परोपकार और अटूट भक्ति का प्रतीक बताया।
सुशासन की दिशा में बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार 2026 केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक अभियान है। ‘समाधान शिविरों’ के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे आम लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मुंगेली के सौंदर्यकरण और इन प्रतिमाओं की स्थापना के लिए राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेश की खुशहाली और उन्नति की कामना की।
















