बंगाल में खूनी संघर्ष : शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या, भाजपा ने अभिषेक बनर्जी को घेरा

कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर रक्त रंजित हो उठी है। उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA), चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस हत्या के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है।
साजिश के तहत की गई हत्या?
भाजपा नेताओं का आरोप है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद बनर्जी ने कड़े शब्दों में कहा कि 2021 के चुनावों के बाद से उनके सैकड़ों कार्यकर्ताओं की जान ली जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यकर्ताओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है और पुलिस को अपराधियों को ‘पाताल’ से भी ढूंढकर निकालना होगा।
भाजपा नेता अर्जुन सिंह और कौस्तव बागची ने इस घटना को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मिलीभगत बताया। बागची के अनुसार, हमलावरों ने काफी दूर तक रथ की गाड़ी का पीछा किया और फिर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
हार की बौखलाहट का आरोप
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने इस हमले को भवानीपुर में ममता बनर्जी की चुनावी हार से जोड़ते हुए कहा कि यह प्रतिशोध की राजनीति है। उन्होंने मृतक को एक कर्मठ और भरोसेमंद सहयोगी बताया। साथ ही यह भी जानकारी दी कि एक अन्य घटना में भाजपा के बूथ कार्यकर्ता पर भी चाकू से हमला हुआ है, जिससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।
पुलिस की कार्रवाई और स्थिति
पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि:
घटनास्थल से जिंदा और चले हुए कारतूस बरामद किए गए हैं।
वारदात में इस्तेमाल की गई एक संदिग्ध चार पहिया गाड़ी जब्त की गई है, जिसकी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है।
चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस “गुंडागर्दी” के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।
















