कलिबा में आस्था का संगम : मुख्यमंत्री साय ने कलिबेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत की। मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का संदेश
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने यज्ञशाला की परिक्रमा की और प्रदेश की जनता की खुशहाली एवं समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति हमें भाईचारे और समरसता का मार्ग दिखाती है।
ग्राम विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्राम कलिबा के लिए 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, हनुमान टेकरी में एक अन्य सामुदायिक भवन और सूर्य नमस्कार की मुद्राओं वाली कलाकृतियों के निर्माण की भी स्वीकृति दी।
सरकार की उपलब्धियों पर डाला प्रकाश
अपने संबोधन में श्री साय ने राज्य सरकार के 28 महीनों के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और ‘मोदी की गारंटी’ के क्रियान्वयन पर चर्चा की:
महतारी वंदन योजना: महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अब तक 17,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है।
तीर्थ दर्शन: ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जा चुके हैं, जबकि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से देश के 19 प्रमुख धामों की यात्रा कराई जा रही है।
बिजली बिल माफी: बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत 757 करोड़ रुपये के बकाया बिल माफ किए जा रहे हैं।
कृषि विकास: प्रदेश में 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन से अब किसानों को खाद-बीज और ऋण के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सुशासन और त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता की शिकायतों के निवारण के लिए जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, राजस्व मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।
इस गरिमामयी अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
















