तरबूज और चिकन खाने के बाद किशोर की मौत, तीन बच्चों की हालत गंभीर

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के धुरकोट गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ खान-पान में बरती गई एक छोटी सी लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। एक किशोर की मौत हो गई है, जबकि परिवार के तीन अन्य बच्चे अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम को घर के बच्चों ने सुबह का कटा हुआ तरबूज खाया था। इसके बाद रात के भोजन में परिवार ने चिकन का सेवन किया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को पेट में असहनीय दर्द, जी मिचलाने और लगातार उल्टियों की शिकायत होने लगी।
परिजनों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अफसोसजनक रूप से, डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद 15 वर्षीय अखिलेश धीवर को बचाया नहीं जा सका।
तीन मासूमों का उपचार जारी
अस्पताल में अभी तीन अन्य बच्चों का इलाज चल रहा है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
पिंटू धीवर (18 वर्ष)
हितेश धीवर (12 वर्ष)
श्री धीवर (4 वर्ष)
चिकित्सकों की एक विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। वहीं, अखिलेश की अचानक हुई मौत से पूरे धुरकोट गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
फूड पॉइजनिंग का संदेह
शुरुआती तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल के विशेषज्ञों का कहना है कि तरबूज का काफी समय तक कटा रहना और उसके बाद चिकन जैसे भारी भोजन का सेवन करना संक्रमण का कारण हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग का बयान: “बच्चों द्वारा खाए गए भोजन के नमूने ले लिए गए हैं। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत की असली वजह क्या थी। फिलहाल अन्य बच्चों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है।”
सावधानी ही सुरक्षा है
इस दुखद घटना ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि:
कभी भी लंबे समय से कटे हुए फलों का सेवन न करें।
अत्यधिक ठंडी और गर्म चीजों या फल और मांसाहार के मेल से बचें।
गर्मी के मौसम में भोजन की शुद्धता और ताज़गी का विशेष ध्यान रखें।
















