छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ को मिला नया सम्मान : अब ‘नर्सिंग ऑफिसर’ के नाम से जानी जाएंगी प्रदेश की नर्सें

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नर्सिंग संवर्ग को एक विशेष सौगात दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की है कि अब प्रदेश में नर्सों के पदनाम बदलकर उन्हें अधिक सम्मानजनक पहचान दी जाएगी। इस नए बदलाव के तहत अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा।
अम्बेडकर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में घोषणा
यह महत्वपूर्ण घोषणा राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान की गई। इस कार्यक्रम में नर्सिंग प्रोफेशनल, छात्र-छात्राओं और चिकित्सा जगत के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं नर्सें: स्वास्थ्य मंत्री
समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने नर्सिंग स्टाफ के योगदान की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
समर्पण और सेवा: नर्सें स्वास्थ्य प्रणाली की मुख्य स्तंभ हैं, जो निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा कर उन्हें जीवनदान देती हैं।
मानवीय संवेदना: चिकित्सा के क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ सेवा और करुणा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है।
माँ जैसा स्थान: जिस तरह एक माँ अपने बच्चों का ख्याल रखती है, वैसे ही नर्सें मरीजों की देखभाल करती हैं, इसलिए समाज में उनका स्थान अत्यंत पूजनीय है।
कोरोना काल का योगदान: स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान नर्सों द्वारा दी गई चुनौतीपूर्ण सेवाओं को भी याद किया और उनके जज्बे को सलाम किया।
मुख्यमंत्री का आभार और उपलब्धियों की सराहना
श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सालों से लंबित मांगों और सुविधाओं को वर्तमान सरकार प्राथमिकता से पूरा कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर और अन्य प्रमुख नर्सिंग अधिकारियों सहित पूरे स्टाफ को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी।
















